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किसानों के सपनों पर बरसे ओले, सरसों और गेहूं की फसल तबाह

Sat, 28 Jan 2017 05:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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किसानों को नुकसान - फोटो : अमर उजाला
बुधवार और वीरवार को हुई बरसात के कारण कई क्षेत्रों में जहां फसलों को बेहद फायदा हुआ है। वहीं कई जगहों पर बरसात के साथ ओले गिरने से किसानों की पूरी की पूरी फसल तबाह हो गई है। 
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किसानों को नुकसान - फोटो : अमर उजाला
दोनों दिन कुल 31.3 एमएम बरसात हुई। जनवरी में अब तक 36 एमएम बरसात हुई है। बरवाला और अग्रोहा ब्लॉक के कई गांवों में बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण सरसों की पककर तैयार खड़ी पूरी फसल बर्बाद हुई है, जबकि 50 फीसदी तक गेहूं की फसल को नुकसान हुआ। जिले के कई गांवों में वीरवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बारिश के साथ ओले गिरने लगे थे, जिससे खेतों में लहराती सरसों की फसल टूटने के साथ ही खेतों में सफेद चादर बिछ गई। 
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किसानों को नुकसान - फोटो : अमर उजाला
सरसों के पूरे के पूरे खेत तहस-नहस हो गए। गांव मिर्जापुर, धांसू, सुलखनी, खरकड़ी, खोखा, न्याणा आदि गांवों में ओलों के कारण सरसों की 100 फीसदी फसल खत्म हो गई है। ओलावृष्टि के कारण उकलाना से तीन गांवों, बरवाला से 8, बास से चार गांवों में कहीं-कहीं नुकसान की खबर है। 

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किसानों को नुकसान - फोटो : अमर उजाला
सामान्य से तीन गुना हुई बरसात
जनवरी में अब तक कुल 36 एमएम बरसात हुई है, जो सामान्य से तीन गुनी है। सामान्य तौर पर जनवरी के में 12.3 एमएम बरसात होती है, लेकिन पिछले दो दिनों में हुई बारिश ने जनवरी के पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जनवरी 1954 में 98.3 एमएम दर्ज की गई थी।
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किसानों को नुकसान - फोटो : अमर उजाला
कई गांवों में ओलावृष्टि से सरसों की फसल खराब होने की सूचना आई थी। अधिकारी फील्ड में मुआयने के लिए गए हैं। इसकी ओवरऑल रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा। -डॉ. प्रवीन मंडल, कृषि विशेषज्ञ कृषि विभाग हिसार
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