पूर्व नौसेना कमांडर कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। पढ़िए इसके पीछे पाकिस्तान की क्या चाल है...
विज्ञापन
2 of 9
पाकिस्तानी रिटायर्ड लैफ्टिनैंट कर्नल मोहम्मद हबीब जहीर
- फोटो : File Photo
दरअसल, कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा को पाकिस्तानी मीडिया में एक पाकिस्तानी रिटायर्ड लैफ्टिनैंट कर्नल मोहम्मद हबीब जहीर की भारत-नेपाल बॉर्डर पर कुछ दिन पहले ‘गुम’ होने की घटना के साथ जोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
3 of 9
- फोटो : फाइल फोटो
पाकिस्तानी मीडिया में ये आरोप लगाए जा रहे हैं कि जहीर की गुमशुदगी के पीछे भारतीय गुप्तचर एजैंसियों का हाथ है। जहीर पाकिस्तानी सेना से 2014 में रिटायर हुआ बताया जाता है। उसके बाद उसने पाकिस्तान की आई.एस.आई. एजैंसी के लिए काम करना शुरू कर दिया।
4 of 9
फांसी
- फोटो : अमर उजाला
नेपाल में भी जहीर भारत के साथ लगते बॉर्डर पर किसी गुप्त मिशन पर आया था लेकिन वहां से वह अचानक गायब हो गया। दिल्ली से प्राप्त होने वाले समाचारों के अनुसार जैसे ही पाकिस्तानी फौज को जहीर के गायब होने की खबर मिली तो उसने तुरंत एक मिलिट्री कोर्ट के जरिए कुलभूषण जाधव को सजा-ए-मौत देने की घोषणा कर दी।
विज्ञापन
5 of 9
ऐसा पाकिस्तान ने इसलिए किया क्योकि उसे डर था कि भारत जहीर को दुनिया के सामने पेश कर पाकिस्तान पर कुलभूषण जाधव को तुरंत रिहा करने का दबाव बनाएगा।
विज्ञापन
6 of 9
पाक की खुली पोल
- फोटो : File Photo
यहां दिलचस्प बात यह है कि जहां एक और पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण जाधव को बलूचिस्तान में 2016 में गिरफ्तार किया गया, वहीं भारत का कहना है कि जाधव ईरान में अपने बिजनैस के सिलसिले में गए हुए थे। जहां से उन्हें अगवा कर पाकिस्तान ले जाया गया और फिर उन पर जासूसी करने और आतंकवादी घटनाओं में संलिप्त होने का झूठा केस बनाया गया।
विज्ञापन
7 of 9
पाकिस्तान जेल (डेमो पिक)
कुलभूषण को पाकिस्तानी एजैंसियों द्वारा एक सोची-समझी साजिश के तहत जाल में फंसाकर किसी जगह बुलाकर अगवा किया गया। अगवा करने वाली पाकिस्तानी टीम में कर्नल जहीर भी शामिल था।
8 of 9
भारत और पाकिस्तान का ध्वज
जहीर तब से ही भारतीय गुप्तचर एजैंसियों के निशाने पर था। जहीर को इंगलैंड के एक टैलीफोन नंबर के जरिए कांटैक्ट कर एक बड़ी नौकरी दिए जाने का झांसा दिया गया। इस सिलसिले में उसे 2-3 बार ओमान में भी बुलाया गया।
2 अप्रैल को जहीर ओमान से काठमांडू पहुंचा और वहां से वह भारत-नेपाल सीमा पर पहुंचा जहां से वह गायब हो गया। कई पाकिस्तानी टी.वी. चैनलों में जहीर को बेवकूफ बताया जा रहा है। जो न जाने किस झांसे में आकर भारत-नेपाल बार्डर पर पहुंच गया।