लेह लद्दाख में एक फ्रेंच दंपति ऐसा फंसे की जान पर बन गई, लेकिन इंडियन एयरफोर्स ने खराब मौसम और बारिश के बावजूद उन्हें एयरलिफ्ट किया, और दोनों की जान बचाई।
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रेस्क्यू ऑपरेशन
एयरफोर्स ने एक बार फिर समाज सेवा के प्रति अपना जज्बा दिखाते हुए लेह में फंसे घायल फ्रेंच दंपत्ति ब्रेसन फ्लोरेंस और उनके पति क्रिस्टोफ की जान बचाई है। इस मिशन में वेस्टर्न एयर कमांड चंडीगढ़ की भी अहम भूमिका रही। फ्रेंच महिला काफी गंभीर थीं, जबकि पति भी चोटिल थे। उन्हें तुरंत लेह से दिल्ली पहुंचाया गया, जहां दोनों अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
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रेस्क्यू ऑपरेशन
फ्रेंच निवासी 50 वर्षीय ब्रेसन फ्लोरेंस अपने पति क्रिस्टोफ के साथ लेह में मोटर साइकिल पर रोड ट्रिप एडवेंचर पर थीं। लेकिन वीरवार को अचानक एक सड़क हादसे में दोनों घायल हो गए। फ्लोरेंस को ज्यादा चोटें आईं। दंपत्ति को तुरंत लेह में प्राथमिक उपचार दिया गया और दुर्घटना की सूचना दिल्ली में फ्रेंच एबेंसी को भी दी गई। फ्रेंच दूतावास ने भारत सरकार से दंपत्ति को चंडीगढ़ या दिल्ली पहुंचाने के लिए मदद की गुहार की ताकि उन्हें बेहतर इलाज मिल सके। केंद्र ने इसकी जिम्मेवारी एयरफोर्स को सौंपी।
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रेस्क्यू ऑपरेशन
वेस्टर्न एयर कमांड के अंतर्गत चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से 16 अगस्त को ग्लोबमास्टर सी-17 विमान को लेह के लिए रवाना किया गया। विमान लेह तो पहुंचा, लेकिन खराब मौसम की वजह से उसे उतरने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन विमान फिर भी उतरा। इसमें मोबाइल आईसीयू और चिकित्सा कर्मियों की टीम थी। उधर, शुक्रवार को ही खराब मौसम के बावजूद दिल्ली के हिंडन से सी-130 हरक्यूलिस विमान भी लेह पहुंच गया। वहां पहुंची चिकित्सीय टीम की मदद से घायल दंपत्ति को इस हरक्यूलिस विमान में शिफ्ट करवाया गया और विमान ने दोनों को दिल्ली पहुंचा दिया।
‘यह एक डरावना क्षण था, जब खराब मौसम के कारण इमरजेंसी में ग्लोबमास्टर विमान को लेह में लैंड किया जा सका। मरीजों की हालत गंभीर थी। हमारी चिकित्सीय टीम लगातार लेह में डाक्टरों के संपर्क में थी। शुक्रवार सुबह ग्लोबमास्टर और हरक्यूलिस दोनों विमान लेह पहुंचे और घायल दंपत्ति को दिल्ली पहुंचाया गया। इस तरह से एयरफोर्स का ये मिशन भी कामयाब रहा। - एस श्रीनिवासन, एयर कोमोडोर चंडीगढ़