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पति की अस्थियां चुनने गई तो दिखा कुछ ऐसा, देखकर महिला के होश उड़ गए

Mon, 26 Feb 2018 02:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में अस्थियां गायब
पति की अस्थियां इकट्ठी करने के लिए गई तो वहां देखा कुछ ऐसा, जिसे देखकर महिला के होश उड़ गए। लोगों की आंखें भी फटी रही गई, आपको भी यकीं न होगा।
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अस्थियां गुम
मामला चंडीगढ़ का है। सेक्टर-25 के श्मशान घाट में एक बड़ी लापरवाही का मामला मंगलवार सुबह सामने आया। सेक्टर-22 निवासी यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त हुईं नीरू कपूर पति की अस्थियां लेने वहां पहुंचीं। जिस लॉकर में उन्होंने अस्थियां रखीं, उसे खुला देखकर वह दंग रह गईं।
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अस्थियां गुम
नीरू ने श्मशान घाट के सभी पंडितों से बातचीत कर उन्हें बताया कि लॉकर नंबर-14 में उन्होंने पति सुरेश कपूर की अस्थियां रखी थीं, लेकिन उसका ताला खुला और अस्थियां गायब हैं। कोई भी पंडित व अन्य उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। नीरू कपूर ने सेक्टर-24 पुलिस से पति की अस्थियां गायब होने की शिकायत की तो चौकी इंचार्ज एसआई रोहताश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने श्मशान घाट के सभी पंडितों व अन्यों से पूछताछ की।

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अस्थियां गुम
साथ ही उस रजिस्टर को भी जांचा, जिसमें अस्थियां ले जाने वाले लोगों की एंट्री दर्ज की जाती है। इससे पता लगा कि बीती 4 तारीख को लॉकर नंबर-14 से डड्डूमाजरा कॉलोनी निवासी एक बैंक के असिस्टेंट मैनेजर नंद किशोर अस्थियां ले गए हैं। लेकिन उनके शहर से बाहर होने के चलते पुलिस ने उनके भाई चतर सेन से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि नंद किशोर के घर उनकी ताई रहती थी और वह उक्त लॉकर नंबर से ताई की अस्थियां निकाल उन्हें प्रवाहित करने गए हैं।
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अस्थियां गुम
नंद किशोर की चाबी से खुला लॉकर नंबर-14
पुलिस जांच में पता लगा कि नंद किशोर ने बीती 4 तारीख को लॉकर नंबर-14 को चाबी लगाई तो वह खुल गया। फिर वह अस्थियों को प्रवाहित करने के लिए ले गए। जबकि नीरू कपूर ने भी लॉकर नंबर-14 में उनके पति की अस्थियां रखे होने का दावा किया है।
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अस्थियां गुम
लॉकर में अस्थियां रखवाते समय दर्ज नहीं की जाती एंट्री
नगर निगम के अधीन श्मशान घाट में लॉकर में अस्थियां रखने वाले लोगों की रजिस्टर में एंट्री नहीं की जाती हैं और लंबे समय से ऐसी ही लचर व्यवस्था है। ऐसे कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई, जो अस्थियां रखते लोगों की पूरी पहचान की एंट्री कर उनके नाम पर दिए लॉकर की जानकारी भी रिकॉर्ड में दर्ज करता हो। यही कारण है कि नगर निगम की लापरवाही से जन-भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। पुलिस ने बताया कि श्मशान घाट में चार पंडित हैं लेकिन वे भी केवल संस्कार विधि को पूर्ण करवाते हैं।
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चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर - फोटो : डेमो फोटो
मामले की जांच की जा रही है। लॉकर नंबर-13 से अस्थियां ले गए परिवार से भी बात करनी है। मामले में बनती कार्रवाई की जाएगी।
- रोहताश कुमार, सेक्टर-24 चौकी इंचार्ज
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