राम रहीम और सिरसा डेरा सच्चा सौदा के बारे में अब कई नई जानकारियां सामने आई हैं, जिनके बारे में जानकर किसी को भी यकीं नहीं होगा। पढ़ें ये रिपोर्ट...
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राम रहीम
दरअसल, मामले को लेकर एसआईटी की ढीले रवैए पर सवाल उठाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि अगर डेरा समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोपी आदित्य इंसा और अन्य को गिरफ्तार नहीं कर सकते तो क्या यह जिम्मेदारी पंजाब पुलिस को दे दें। कोर्ट की तरफ से पूछा गया कि सीसीटीवी फुटेज वाली हार्ड डिस्क को नष्ट करने का क्या औचित्य है? आखिर सीसीटीवी फुटेज में ऐसा क्या था जो उसे नष्ट करना पड़ा।
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राम रहीम
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया कि आदित्य इंसां की सूचना देने वाले के लिए इसे और इनामी राशि बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है। अन्य छह आरोपियों नवीन विक्रम, मनप्रीत कौर, विक्रम, गुरदत, अभिजात भगत और बेअंत कौर पर 1-1 लाख का इनाम घोषित किया जा चुका है। इनके अलावा अन्य 8 आरोपियों की सूचना देने वालों को 50 -50 हजार का इनाम घोषित किया गया है।
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राम रहीम
हाईकोर्ट ने कहा कि चाहे जैसे हो इन आरोपियों को पकड़ने के लिए एसआईटी हरसंभव कदम उठाए। इसी बीच टूटी हार्डडिस्क के बारे में पूछने पर कोर्ट को बताया गया कि इसमें सीसीटीवी फुटेज मौजूद थी। हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए पूछा कि सीसीटीवी फुटेज वाली हार्ड डिस्क को नष्ट करने का क्या औचित्य है। आखिर ऐसा क्या हुआ था कि सीसीटीवी फुटेज नष्ट करनी पड़ी। एसआईटी जल्द से जल्द इनके डाटा को रिकवर करे ताकि सारे राज खुलें।
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राम रहीम
इसी बीच हाईकोर्ट ने एसआईटी से पूछा कि डेरे से बरामद 65 हार्डडिस्क में क्या था जो उन्हें नष्ट करने की कोशिश हुई। कोर्ट को बताया गया कि ज्यादातर में डेरे के भीतर के सीसीटीवी फुटेज का डाटा था। इसे रिकवर करने के लिए सीबीआई और एफबीआई से मदद मांगी गई है। कोर्ट ने कहा ऐसा प्रयास यह साबित करता है कि इसमें कुछ ऐसा है जो किसी के हाथ न लगे इस प्रयास में नष्ट करने की कोशिश की गई। यह डाटा रिकवर करना बेहद ही जरूरी है।
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राम रहीम
हाईकोर्ट ने एसआईटी से जांच को लेकर सवाल पूछने शुरू किए तो खामियां सामने आने लगीं। कोर्ट को बताया गया कि डेरा सच्चा सौदा की जांच से पहले डेरे से नोटों के भरे दो वाहन निकाल दिए गए थे। डेरे के आईटी इंचार्ज विनीत ने इन वाहनों को निकालने वाले बलराज के बारे में पुलिस को यह जानकारी दी थी। बलराज से पूछताछ न करने पर कोर्ट ने एसआईटी से पूछा कि यह जांच का कौन सा तरीका है?
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Ram Rahim
मंजूरी के बिना 29 जार में स्किन को रखा गया था संरक्षित करके
डेरे में मौजूद शाह सतनाम जी मल्टी स्पेशेलिएटी हॉस्पिटल के बारे में सिविल सर्जन सिरसा की रिपोर्ट आई है, उसमें स्किन ट्रांसप्लांट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। डेरे से 29 जार मिले जिसमें स्किन को संरक्षित करके रखा गया था। इसको लेकर सिविल सर्जन की रिपोर्ट पर आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त लिंग जांच से जुड़े नोटिस भी जारी कर पूछा गया था कि क्यों 6 फाइलें गायब हैं। हालांकि इस पर अस्पताल का जवाब संतोष जनक था।
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राम रहीम
कुर्बानी गैंग ने नहीं दी किसी को धमकी
कुर्बानी गैंग के बारे में जानकारी देते हुए हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि उन्होंने राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद किसी को कोई धमकी दी हो ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। अभी इसको लेकर जांच जारी है और जल्द ही इसको लेकर ठोस रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश कर दी जाएगी।
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ram rahim
पुराने डेरे में पिछले 20 साल में नहीं हुआ कोई निर्माण
हाईकोर्ट ने नियमों को ताक पर रख बनाई गई इमारतों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि डेरा पहले एमसी सिरसा की लिमिट के बाहर था। 1997 में यह एमसी लिमिट में आया था और तब से कोई नया निर्माण नहीं हुआ। हालांकि डेरे ने सीएलयू से जुड़ा कोई आवेदन नहीं दिया यह भी बताया गया। एमसी और डीटीओ को अब आंकड़े जुटाने को कहा गया है और यदि एमसी एक्ट का उल्लंघन पाया गया तो डेरे के खिलाफ एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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राम रहीम
- फोटो : self
जांच प्रभावित न हो, अंजाम के लिए खुद जिम्मेवार होगा
दरअसल, डेरा सच्चा सौदा प्रकरण हाईप्रोफाइल होने के चलते इसकी जांच किसी भी स्तर पर प्रभावित न हो इसके लिए हाईकोर्ट ने सीधा संकेत देते हुए यह साफ कर दिया कि यदि पता चला कि किसी ने जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया है तो वह अपने अंजाम के लिए खुद जिम्मेदार होगा। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि हमारी प्राथमिकता इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की है। किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त, पारदर्शी जांच हो तो ही दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सकेगा।
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Ram Rahim
- फोटो : File Photo
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर यह सामने आया की कोई भी अधिकारी इस मामले की जांच में निष्पक्ष नहीं है या अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है तो हाईकोर्ट कड़ा रुख भी अपना सकती है। मामले की जांच सीबीआई या अन्य किसी भी निष्पक्ष जाँच एजेंसी को सौंपी जा सकती है। इसी बीच डेरा सच्चा-सौदा के वकील ने जांच पर कई सवाल उठाए। डेरे की ओर से कहा गया कि कोर्ट कमिश्नर को इतनी शक्तियां नहीं दी गई थी जितनी उन्होंने इस्तेमाल की।
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गुरमीत राम रहीम
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट कमिश्नर को हमने नियुक्त किया है। ऐसे में उनके पास जांच का पूरा अधिकार है। हाईकोर्ट ने एसआईटी से पूछा कि डेरे से लापता हुए लोगों के बारे में क्या जानकारी जुटाई गई हैं। इस पर बताया गया कि डेरे से मिसिंग 25 में से दो मिल चुके हैं। बाकी के बारे में जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। हाईकोर्ट ने मामले को बड़ी गंभीरता से लेते हुए एसआईटी को आदेश दिए की वो मामले की अगली सुनवाई पर इन मिसिंग लोगों के नाम पते और अन्य सभी जानकारियां दें।
हाईकोर्ट द्वारा इस मामले को इतनी प्राथमिकता देने के चलते अब यदि इनके गायब होने से डेरे का कोई कनेक्शन सामने आता है तो डेरा और डेरा मुखी की मुश्किलें और बढ़ जाना तय हो गया है। कोर्ट ने एसआईटी को आदेश दिए हैं कि वे पता करें की इनमें से कितने जीवित हैं और कितने मृत। जो मृत मिलें उनकी मृत्यु कैसे हुई इसकी पूरी जानकारी मामले की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट को दी जाए।