एलओसी पर कई इलाकों में लगी फेंसिंग इस वक्त जबरदस्त बर्फबारी से घिर चुकी है, जिस कारण घुसपैठ का खतर बढ़ गया है। सेना को सर्तक रहने की जरूरत है।
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LOC पर भारी बर्फबारी
कश्मीर घाटी में बर्फबारी इतनी ज्यादा हो रही है कि इससे फेंसिंग को भी नुकसान पहुंचने लगा है। जिसकी रिपेयरिंग की जिम्मेवारी वेस्टर्न कमांड की एक स्पेशल विंग टीए इंजीनियरिंग को दी गई है। हालांकि, सेना की इस स्पेशल विंग ने कमर कस ली है, लेकिन इस रिपेयरिंग के दौरान भारतीय जवानों को न केवल मौसम, बल्कि पाकिस्तानी सेना की फायरिंग जूझना पड़ रहा है।
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LOC पर भारी बर्फबारी
एलओसी पर अत्यधिक बर्फ की वजह से कई बार फेंसिंग विभिन्न जगहों से टूटने लगती है। कई जगह तो बर्फ फेंसिंग से भी ऊपर पहुंच जाती है और जैसे ही हिम स्खलन होता है, तो उसके साथ फेंसिंग भी बह जाती है। इसके बाद यहां घुसपैठ का भी सबसे ज्यादा खतरा पैदा हो जाता है। इस स्थिति में भारतीय सेना के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है कि कैसे जल्द से जल्द फेंसिंग की मरम्मत की जाए।
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LOC पर भारी बर्फबारी
सेना के एक आला अफसर ने बताया कि ये काम पाक की करतूतों की वजह से बहुत मुश्किल बना हुआ है। क्योंकि रिपेयरिंग के दौरान बार्डर पार पाक चौकियां से लगातार फायरिंग व शैलिंग हो रही है। इस स्थिति में रिपेयरिंग का काम में बार-बार बाधा आ रही है। दरअसल, ये फायरिंग काम में बाधा डालने के लिए ही की जाती है, ताकि घुसपैठियों की मदद की जा सके।
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LOC पर भारी बर्फबारी
वेस्टर्न कमांड की स्पेशल विंग ने संभाली जिम्मेवारी
लेकिन इस खतरे से जूझते हुए भी स्पेशल विंग टीए इंजीनियरिंग के जवान इस काम को अंजाम दे रहे हैं। अफसर के अनुसार एलओसी पर अत्यधिक बर्फबारी की वजह से भी इस वक्त सरहद की निगरानी करना बड़ी चुनौती बना हुआ है, मगर भारतीय जवान तमाम खतरों से जूझते हुए सरहद की रक्षा में जुटे हुए हैं। अफसर का कहना है कि ऐसा मामला कोई पहली बार नही आया है। सेना को हर साल इन खतरों और चुनौतियों से जूझना पड़ता है।
होगी भारी बर्फबारी, माइनस 31 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
मौसम विभाग के मुताबिक आगामी 1 जनवरी 2018 को इस इलाके का न्यूनतम तापमान बढ़कर माइनस 31 डिग्री और 2 जनवरी को दिन का अधिकतम तापमान माइनस 17 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आशंका जताई जा रही है कि इस बर्फबारी के बाद बार्डर की फेंसिंग दिखना बंद हो जाएगी और यदि हिमस्खलन हुआ तो फेंसिंग बह भी सकती है। लेकिन इस हालात से निपटने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है।