पंजाब हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में मंगलवार को बारिश ने तबाही मचाई। चंडीगढ़ के कई सेक्टरों में हालात ऐसे थे कि लोग नजारा देख दंग रह गए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया था। ऐसा लग रहा था कि कारें पानी में तैर रही हैं। देखिए ये तस्वीरें...
सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ की वो बात नहीं रही। क्योंकि शहर में बारिश लोगों के लिए आफत बन जाती है। मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही हाल हुआ। हीटिंग इफेक्ट से बने हाई लोकलाइज्ड क्लाउड ने मंगलवार को चंडीगढ़ में कहर बरपा दिया। छोटे-छोटे बादल शहर के पूर्वी हिस्सों में ही जमकर बरसे और देखते ही देखते शहर का आधा हिस्सा पानी में डूब गया। सेक्टर-9, किशनगढ़, मनीमाजरा और हाईकोर्ट के रास्ते तालाब में बदल गए, वहीं पीजीआई में भी पानी घुस गया। महज एक घंटे की बारिश में सुखना लेक का स्तर 1162.5 फीट से छलांग लगाकर 1163 फीट तक पहुंच गया और सीजन में पहली बार इसके दो फ्लड गेट खोलने पड़े। दूसरी ओर, शहर के दक्षिणी सेक्टर सूखे ही रह गए।
शहर में मंगलवार को सुबह 8 बजे से ही तेज धूप थी। सुबह 10.30 बजे तक धूप की तीव्रता ने जून के महीने की याद दिला दिया। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि शाम को भीषण बारिश का कारण भी यही तेज धूप बना। हीटिंग इफेक्ट के चलते शहर के पूर्वी हिस्सों में छोटे-छोटे लेकिन बेहद घने बादल बन गए जिन्हें मौसम विज्ञान की भाषा में हाई लोकलाइज्ड क्लाउड कहा जाता है। इन बादलों के पास फैलने का ज्यादा क्षेत्र नहीं मिला और ये एक ही जगह ठहरकर जमकर बरस पड़े। नतीजा यह हुआ कि सेक्टर-9, किशनगढ़, मनीमाजरा और हाईकोर्ट के आसपास का इलाका मिनटों में पानी-पानी हो गया। सभी रास्ते तालाब में बदल गए और पीजीआई ने नेहरू ब्लॉक तक में पानी घुस गया। लोकलाइज्ड बारिश के कारण शहर का नजारा दो हिस्सों में बंटा दिखाई दिया। एक ओर लोग घरों और सड़कों पर घुसे पानी से जूझते रहे तो दूसरी ओर दक्षिणी सेक्टरों में लोग बारिश का इंतजार ही करते रह गए। मौसम विभाग का कहना है कि यह हीटिंग इफेक्ट का नतीजा था, जिसमें सीमित क्षेत्र में बने बादल अचानक बरस पड़ते हैं और कुछ ही देर में भारी बारिश करा देते हैं।
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सेक्टर-17 की सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ 35 एमएम बारिश, दूसरी तरफ सूखा
महज दो घंटे की बारिश में मध्यमार्ग के पूर्वी हिस्से में 35 एमएम पानी दर्ज किया गया जबकि सेक्टर-39 और दक्षिणी चंडीगढ़ में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। मौसम के इस असमान मिजाज ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया। बारिश वाले इलाके में जहां तापमान में गिरावट दर्ज हुई, वहीं बाकी इलाकों में उमस और गर्मी से लोग परेशान हुए। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सुरेन्द्र पाल का कहना है कि बादल छोटे-छोटे समूहों में बने थे। इसकी वजह से खास इलाके में सक्रिय हुए। यहां तक की सेक्टर-39 के मौसम विभाग मुख्यालय के पास भी सूखा रहा, वहां बिल्कुल बारिश नहीं हुई।
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सड़क पर भरे पानी के बीच निकले बाइक सवार
- फोटो : अमर उजाला
सीजन में पहली बार खोलने पड़े लेक के दो फ्लड गेट
तेज बारिश के चलते सुखना लेक का जलस्तर खतरे का निशान 1163 फीट पार कर गया। इसके बाद दोपहर लेक के तीन में से दो फ्लड गेट खोलने पड़े। पहला फ्लड गेट दोपहर करीब 3:45 बजे तीन इंच और दूसरा 5:30 बजे छह इंच की ऊंचाई तक खोला गया। इस मानसून सीजन में पहली बार एक साथ दो फ्लड गेट खोले गए हैं। इससे पहले 6, 8, 15 और 17 अगस्त को सिर्फ एक-एक फ्लड गेट खोला गया था। लेक से निकला अतिरिक्त पानी सुखना चो के जरिए घग्गर नदी में छोड़ा जा रहा है लेकिन जैसे ही दूसरा फ्लड गेट खोला गया, पानी का तेज बहाव बापूधाम कॉलोनी और सुखना चो पर बने शास्त्री नगर पुल तक पहुंच गया। इस कारण पुल पर यातायात प्रभावित हो गया। आईटी पार्क पुलिस ने दोनों तरफ नाका लगाकर लोगों की आवाजाही रोक दी। देर रात लगभग 9 बजे पुल आवागमन के लिए खोला गया।
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बारिश के बाद सड़क पर भरा पानी और निकलते वाहन
- फोटो : अमर उजाला
पानी में डूबा किशनगढ़ और बापूधाम का पुल
बारिश की वजह से लेक की तरफ से किशनगढ़ और सेक्टर-26 के बापूधाम के पीछे का पुल पानी में डूब गया। बारिश के रुकने के बाद विभिन्न विभागों के कर्मचारी वहां पहुंचे और पानी को निकालने का काम किया। कुछ घंटों के लिए रास्ता भी बंद हो गया। हालांकि, बाद में खोल दिया गया। वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित रेलवे अंडरब्रिज और सेक्टर-15 व 11 का पुल भी पानी में डूबा। यहां खबर लिखे जाने तक पानी निकालने का काम चलता रहा।
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घुटनों तक भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
3.5 सेंटीमीटर पानी की परत तैयार
35 मिमी बारिश होने का मतलब है कि जमीन की सतह पर 35 मिलीमीटर (यानी 3.5 सेंटीमीटर) मोटी पानी की परत बन जाना। आंकड़ों के हिसाब से एक मिमी बारिश का मतलब है एक वर्ग मीटर क्षेत्र में एक लीटर पानी गिरना। 35 मिमी बारिश का मलतब हुआ कि एक वर्ग मीटर क्षेत्र में 35 लीटर पानी भरना। जानकारों का कहना है कि किसी क्षेत्र विशेष में इतना पानी होना काफी ज्यादा माना जाता है।
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पानी की वजह से कई वाहन बंद हो गए।
- फोटो : अमर उजाला
नेहरू अस्पताल, एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट और कैंटीन में घुसा पानी
बारिश से पीजीआई परिसर में मरीजों के साथ स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। नेहरू अस्पताल में पानी आ जाने से मरीजों को एक से दूसरी जगह ले जाया गया। नेहरू अस्पताल में पानी घुसने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। हॉस्पिटल के अंदर मरीजों को पानी में जाना पड़ा। एडवांस आई सेंटर की बेसमेंट में बने ऑफिस में पानी भर गया। कई जगह दीवारों से पानी रिसता दिखा। एनिमल हाउस के सामने वाली सड़क पर दो से तीन फीट पानी भर गया। कुछ दोपहिया वाहन चालक पानी के तेज बहाव में गिर पड़े। नेहरू ब्लॉक के गेट नंबर ए के पास फायर कंट्रोल रूम के बाहर पानी भर गया। खुले में बैठे मरीजों को पार्किंग एरिया समेत समेत रिसर्च ब्लॉक के गलियारे में आसरा लेना पड़ा।
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रोज गार्डन में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
इंप्लाई वेलफेयर कैंटीन में पानी भरने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग गंदे पानी के बीच ही बैठकर चाय या अन्य चीजें खाते-पीते दिखाई दिए। उधर, पीजीआई के आधिकारिक प्रवक्ता का कहना है कि अप्रत्याशित बारिश के कारण पानी ओवरफ्लो हो गया है। स्थिति को सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं।
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कैपिटल कांप्लेक्स में हाईकोर्ट के पास अंडर पास में पानी में फसी गाड़ियां।
- फोटो : अमर उजाला
बारिश का पानी रंधावा आर्ट गैलरी में घुसा
बारिश के कारण शहर में जगह जगह जल भराव की स्थिति रही। सेक्टर 16 के पंजाब कला भवन के रंधावा आर्ट गैलरी में पानी आना शुरू हो गया। इसी गैलरी में पंजाब इन फ्रेम्स नाम से पंजाब के सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू की फोटो प्रदर्शनी लगी है। प्रदर्शनी से का शुभारंभ होने से पहले ही बारिश के कारण गैलरी में पानी आने लगा। समय रहते ही पंजाब कला भवन के कर्मचारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद मग और बाल्टी से पानी निकाला गया। पानी आता देख हरप्रीत संधू परेशान हो गए।
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बारिश के दौरान छाता लिए खड़ी युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब कला भवन की पार्किंग में भी पानी भर गया। इसके कारण वहां खड़ी कार में पानी घुस गया। यह बारिश का पानी रोज गार्डन की ओर से लगी दीवार से आने लगा। बारिश के कारण पंजाब कला भवन और रोज गार्डन की दीवार के छेद से पंजाब कला भवन की पार्किंग में पानी भर गया। वहां खड़ी गाड़ियों को बाहर निकाला गया। बारिश रुकने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। रोज गार्डन में भारी मात्रा में पानी आने से वहां तेज बहाव होने लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोज गार्डन में ऐसा पानी का बहाव नहीं देखा।
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रोज गार्डन में बारिश का पानी भरा जिसमें एक व्यक्ति तेज बहाव में फिसल गया
- फोटो : अमर उजाला
मनीमाजरा में सड़कों और दुकानों में भरा पानी
मंगलवार को एक घंटे की बारिश ने नगर निगम की पोल खोलकर रख दी। मनीमाजरा सड़कें जलमग्न हो गईं। मनसा देवी रोड पर जाम लग गया। जामा मस्जिद के सामने नाला तालाब बन गया। कई वाहन चालक पानी में फंस गए, उनकी गाड़ियां बंद हो गईं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी। कई दुकानों में पानी भर गया। दुकानदारों ने कहा कि सरकार हर तरह का टैक्स वसूलती लेकिन समस्याओं का कोई हल नहीं करती।
सेक्टर-26 बापूधाम कॉलोनी के पास पुल के ऊपर से बहता पानी
- फोटो : अमर उजाला
लोगों को हुई खासी परेशानी
व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि मनीमाजरा बाजार में आने वाले ज्यादातर ग्राहक जाम में बारिश के पानी में फंसकर रह गए। कई गाड़ियां बंद हो गईं। समाजसेवी रामेश्वर गिरि ने कहा कि शहर की सड़कें पहले की टूटकर गड्ढों में तबदील हो चुकी है, अब बरसात को पानी भर जाने से निकलना मुश्किल हो गया। हार्डवेयर के कारोबारी केशव वेद ने बताया कि तमाम प्रयास के बाद भी दुकानों में पानी भरा गया और सीमेंट समेत कई सामान खराब हो गया। जामा मस्जिद से डॉ. खालिद ने बताया कि मोटर मार्केट और मनसा देवी रोड का सारा पानी नाले से ऊपर बह रहा था।