कुत्तों के काटने पर जान भी जा सकती है, इसलिए सावधान रहें। कुत्ते को देखकर क्या न करें और उसके काटने पर क्या उपाय करें, एक्सपर्ट दे रहे हैं कुछ टिप्स।
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कुत्ते ने काटा
गर्मी में क्यों उग्र हो जाते हैं कुत्ते: विशेषज्ञ
सामान्य अस्पताल पंचकूला के मेडिसिन विभाग के एमडी अश्विनी भटनागर का कहना है कि कुत्ते अधिक गर्मी सहन नहीं कर पाते हैं। यही कारण है कि वह ऐसे मौसम में उग्र हो जाते हैं। सबसे ज्यादा कुत्तों के काटने के मामले जून, जुलाई माह में ही सामने आते हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें। जहां तक संभव हो कुत्ते को देखकर रास्ता बदल लें। यदि मजबूरन जाना पड़े तो हाथ में कोई डंडा या पत्थर जरूर रखें।
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कुत्ते ने काटा
कुत्तों के काटने पर यह करें-
भटनागर ने बताया कि कुत्ते के काटने पर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। जिस जगह कुत्ते ने काटा, उसे साफ पानी से धोना चाहिए। इससे घाव पर बैक्टीरिया लगने का खतरा कम हो जाएगा। घाव से खून बह रहा है तो उसे रोके नहीं। इससे जहर निकल जाता है। इसके बाद एंटी बायोटिक क्रीम लगाएं। इससे पूरे शरीर में इंफेक्शन फैलने का खतरा कम हो जाएगा। घाव पर बैंडेज लगाएं। इससे वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया घाव तक नहीं पहुंच पाएंगे। फिर डॉक्टर की सलाह पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाएं।
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कुत्ते ने काटा
कुत्ते को देखकर यह न करें
भटनागर ने बताया कि आवारा कुत्ते यदि पार्क में घूम रहे हैं तो उनको उकसाएं नहीं। कुत्तों को कभी इशारा करके न बुलाएं। गर्मी में कुत्ते अधिक उग्र हो जाते हैं। पार्क में घूम रहे कुत्तों को खाना न डालें।
पालतू कुत्ता भी काट सकता है
भटनागर ने बताया कि पालतू कुत्ता काटे या फिर खरोंच मारे, एंटी रैबीज के टीके लगवाने में लापरवाही न बरतें। पास के अस्पताल या एंटी रैबीज क्लीनिक जाएं और कम से कम तीन डोज लगवाएं यानी पहले दिन, तीसरे और सातवें दिन। इससे पीड़ित रैबीज से बचे रहेंगे। आमतौर पर लोगों में राय होती है कि पालतू कुत्ता है तो वैक्सीन लगवाने की क्या जरूरत। लेकिन इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। इंजेक्शन जरूर लगवाएं।