हरियाणा में रेवाड़ी के गांव टहना-दीपालपुर निवासी अंजूबाला ने पैसे की तंगी के कारण पति की परचून की दुकान के काम में हाथ बंटाने के साथ ही आत्मनिर्भर बनने की ठानी। सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लेने के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के बाद अंजूबाला अब अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ प्रेरित भी कर रही हैं।