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हरियाणा: पहले दूर की अपनी आर्थिक तंगी, फिर बनीं 50 महिलाओं की बिजनेस सखी

Fri, 30 Oct 2020 06:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी (हरियाणा)
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अंजू - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा में रेवाड़ी के गांव टहना-दीपालपुर निवासी अंजूबाला ने पैसे की तंगी के कारण पति की परचून की दुकान के काम में हाथ बंटाने के साथ ही आत्मनिर्भर बनने की ठानी। सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लेने के बाद स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के बाद अंजूबाला अब अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ प्रेरित भी कर रही हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
परिणामस्वरूप करीब पांच गांवों की 50 से अधिक महिलाओं को कढ़ाई-बुनाई का प्रशिक्षण देकर उनकी दुकान खुलवा चुकी हैं। वही गांव में महिलाओं को सिलाई व कढ़ाई का निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं। 12 वीं पास अंजू बचपन से ही खुद का काम करना चाहती थीं।
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- फोटो : अमर उजाला
शादी होने के बाद आत्मनिर्भर बनने के सपने को पूरा करने का मलाल रहा लेकिन वर्ष 2018 में गांव की आंगनवाडी में संस्था हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लेने के बाद अंजू सिलाई से अपना काम शुरू करने के बाद घर में ही कॉस्मेटिक की दुकान शुरू की।

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- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण महिलाओं के सामने बहुत चुनौतियां होती हैं। प्रतिभा होते हुए भी लाज-लज्जा के कारण घर से बाहर नहीं निकल पातीं। स्वयं का रोजगार शुरू करने से पहले अंजू के परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा रही थी। अब वह अपने साथ पति की भी आर्थिक मदद करती हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
बिजनेस सखी बनी अंजू
बतौर अंजू स्वयं पैरों पर खड़ी होने के बाद दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने की ठानी। अब महिलाओं के बीच में अंजू को बिजनेस सखी का नाम मिल चुका है। बिजेनस सखी होने के नाते स्वयं सहायता समूह बनाकर प्रशिक्षण देकर खुद का व्यवसाय करने के लिए तैयार करती है। दुकान खुलवाने से लेकर सामान की उपलब्धता व संचालन में भी अंजू का अहम योगदान होता है।
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