वैश्विक महामारी कोरोना काल में आर्थिक तंगी से दो चार हुए हरियाणा के कलाकारों की पीड़ा सरकार के सामने आई थी। इसमें ताउम्र कला संस्कृति को समर्पित कर चुके कलाकार आर्थिक रूप से बेहाल होने के बाद सड़कों पर आने को विवश हुए थे और मुख्यमंत्री के नाम जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन भी दिए गए थे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस बजट में इन कलाकारों की पीड़ा को समझते हुए भविष्य में विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए इनका पुख्ता प्रबंध पंडित लख्मी चंद कलाकार सामाजिक सम्मान योजना के नाम से एक पेंशन योजना शुरू करने का फैसला लिया है, जिसमें ऐसे कलाकारों को कुछ पात्रता मानदंडों के आधार पर प्रति माह 10 हजार रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी।
वहीं लोक परपंराओं को लोकप्रिय बनाने के लिए हरियाणवी कला प्रसार योजना के नाम से एक नई योजना शुरू की जाएगी, जो गूगा, रसिया, धमाल, खोड़िया, लूर और घूमर जैसे हरियाणवी लोक नृत्य रुपों और रागिनी, लोक गीत, आल्हा, चमोला, ऊदल और बेहरे ताबिल जैसे संगीत रुपों को बढ़ावा देगी। इन लोक कला रुपों में युवा कलाकारों को बढ़ावा देने और वित्त पोषण के लिए रणनीति तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन होगा।इस पेंशन योजना का लाभ गायन, वाद्य यंत्र बजाना, नृत्य, रंगमंच, चित्रकला और मूर्तिकला जैसे क्षेत्रों के कलाकारों का एक निश्चित आयु में आय का नियमित स्रोत बंद होने और पात्रता पूरी करने पर मिलेगा।