क्रिकेटर हरभजन सिंह ने 7 करोड़ का अपना 'सपनों का महल' तो तुड़वा दिया, क्या आपने उनका वो घर देखा है, जिसके लिए वे अपनी जान तक दे सकते हैं, लेकिन कोई आंच नहीं आने देंगे।
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हरभजन सिंह का घर
पिता की आखिरी याद है ये घर
जी हां, ये है जालंधर के गांव दौलतपुरी में बना भज्जी का घर, जहां उनका जन्म हुआ था। जहां उन्होंने अपनी जिंदगी के 30 साल गुजारे। इस घर से उनके पिता की यादें जुड़ी हैं। उनके साथ बिताए यादगार लम्हें कैद हैं। यह उनके पिता की आखिरी याद है, जिसे वे कभी कोई आंच नहीं आने देंगे। न खुद बेचेंगे और न किसी और को कभी बेचने देंगे।
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हरभजन सिंह का घर
7 करोड़ का घर तुड़वा दिया
भज्जी ने पंजाब के जालंधर की नई बारादरी में पिम्स अस्पताल के पास स्थित अपनी आलीशान कोठी को तुड़वा दिया है। चर्चा है कि भज्जी ने वास्तुदोष के कारण कोठी को गिराया है। इस घर को भज्जी ने काफी मेहनत से तैयार करवाया था और इसको सपनों का महल करार दिया था। अब दोबारा से भज्जी इसी जगह पर नए ढंग से अपना घर बनवाएंगे।
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हरभजन सिंह
दीमक लग गई थी, वास्तुदोष वजह नहीं
वहीं भज्जी का कहना है कि उनकी कोठी में दीमक लग गई थी। इस वजह से ईंटे कमजोर हो गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने अपने घर को तुड़वाया है। वास्तु वाली कोई बात नहीं है। भज्जी ने यह कोठी फिल्म अदाकारा गीता बसरा से शादी से पहले तैयार की थी और इस कोठी का नक्शा से लेकर तमाम तामझाम पर लाखों रुपये खर्च किए थे।
एक घर चंडीगढ़ में भी
भज्जी ने बताया कि पहले एक स्लम इलाके काजी मंडी में रहते थे, जहां ज्यादातर घर मद्रासी लोगों के है। जब उन्होंने क्रिकेट में अपना सिक्का जमाया तो सरकार ने उनको छोटी बारादरी में एक शानदार प्लाट दे दिया। इस पर भज्जी ने अपने सपनों का महल तैयार करवाया था। इसके अलावा उनका एक घर चंडीगढ़ की पॉश लोकेशन में भी है, जिसे उन्होंने 2007 में खरीदा था।