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GST को लेकर सरकार ने लिए दो नए बड़े फैसले, देख लें वरना पछताएंगे

Tue, 03 Oct 2017 09:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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देश भर में लागू जीएसटी को लेकर सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं, देख लीजिए और इन पर अमल करना शुरू कर दीजिए। नहीं तो पछताना पड़ सकता है।
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gst impact - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, हरियाणा सरकार ने जीएसटी के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके चलते सप्लायर को हरियाणा और बाहरी राज्यों में माल भेजने पर टीडीएस भी अदा करना पड़ेगा। जीएसटी कानून के प्रावधानों के अनुसार, यदि आपूर्तिकर्ता और आपूर्ति का स्थान हरियाणा में है तो सरकारी विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों की ओर से आपूर्तिकर्ता को किए गए भुगतान से राज्य जीएसटी और केंद्रीय जीएसटी के तहत एक-एक प्रतिशत टैक्स एट सोर्स (टीडीएस) काटा जाएगा।
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इसी तरह अंतरराज्यीय आपूर्ति के मामले में सरकारी विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों की ओर से आपूर्ति प्राप्त की जाती है तो एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) के तहत दो प्रतिशत की दर से टीडीएस काटा जाएगा। आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि बताया कि आपूर्तिकर्ता को किए गए भुगतान से टीडीएस उस स्थिति में काटा जाएगा, जब अनुबंध के तहत ऐसी आपूर्ति का कुल मूल्य 2.5 लाख रुपये से अधिक होगा।

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अनुबंध के मूल्य की गणना करते समय जीएसटी के तहत कर यानी राज्य जीएसटी, केंद्रीय जीएसटी और आईजीएसटी व सेस को बाहर रखा जाएगा। इस प्रकार, टीडीएस तभी काटा जाएगा, जब व्यक्तिगत आपूर्ति ढाई लाख से कम है, परंतु अनुबंध का मूल्य ढाई लाख से अधिक है। टीडीएस की देयता के चलते सरकारी विभागों को भी पंजीकरण करवाना होगा।
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उन्होंने बताया कि यदि सरकारी विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों को टीडीएस काटना आवश्यक है तो उन्हें जीएसटी के तहत 20 लाख रुपये की प्रारंभिक सीमा के बावजूद पंजीकरण करवाना होगा। दूसरा, टीडीएस काटने वाली सरकारी एजेंसियों को जीएसटी पोर्टल पर आरईजी-07 में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट या इलेक्ट्रोनिक वेरिफिकेशन कोड का इस्तेमाल कर डिजीटल हस्ताक्षर किए जाएंगे।
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पंजीकरण आयकर अधिनियम 1961 के तहत वैध स्थाई खाता नंबर (पैन) या कर-कटौती और संग्रहण खाता नंबर (टैन) देकर प्राप्त किया जा सकता है। टीडीएस काटने वाले विभाग को कटौती के महीने के अंतिम 10 दिनों के अंदर फार्म जीएसटीआर-7 में मासिक रिटर्न भरना होगा। यदि विभागों और एजेंसियों ने किसी विशिष्ट माह में टीडीएस नहीं काटा है तो भी उन्हें रिटर्न भरना होगा।
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उन्होंने बताया कि टीडीएस काटने वाले विभाग को सरकार को टीडीएस की राशि जमा करवाने के पांच दिन के अंदर आपूर्तिकर्ता को फार्म जीएसटीआर-7ए में ऑनलाइन सर्टिफिकेट देना होगा। वहीं, जीएसटी लागू होने से पहले के स्टॉक को नई कीमत वाले स्टिकर के साथ बेचने की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई है। इसकी मियाद 30 सितंबर को खत्म हो रही थी, लेकिन अभी दुकानदारों के पास 31 दिसंबर, 2017 तक पुराना स्टॉक बेचने की छूट होगी।
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