फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उम्र 94 साल, 'मौत' को मात दे 108 दिन बाद घर लौटै ओलंपियन, वायरल हुई तस्वीरें देखिए

Mon, 21 Jan 2019 09:22 AM IST
खुशबू गोयल संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 6
बलबीर सिंह सीनियर
उम्र 94 साल, पर इस ओलंपियन खिलाड़ी जीने का ऐसा जुनून है कि मौत को भी मात दे दी और 108 दिन बार घर लौट आए। हॉस्टिपल से आने के बाद पहली तस्वीर आई सामने।
विज्ञापन

2 of 6
बलबीर सिंह सीनियर
डॉक्टरों से कहते हैं ‘अब ठीक होने लगा हूं, मुझे घर जाने दो’। हॉकी के लेजेंड बलबीर सिंह सीनियर जब पीजीआई चंडीगढ़ में प्राइवेट वार्ड में दाखिल थे तो डॉक्टरों को एक कागज पर उन्होंने यह बात लिखकर दी थी। डॉक्टरों ने भी उनकी इच्छा का मान रखा और कंपलीट चेकअप के बाद उन्हें घर ले जाने की अनुमति दे दी। 108 दिन बाद वे घर लौटकर बेहद खुश हैं।

 
विज्ञापन

3 of 6
हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर
हॉकी के पितामह कहे जाने वाले बलबीर सिंह सीनियर का हाल जानने के लिए अब देश ही नहीं विदेशों से भी लगातार फोन आ रहे हैं। उनके प्रशंसक लगातार मिलने की कोशिश में हैं, लेकिन डॉक्टरों की हिदायत के चलते उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उनकी देखभाल के लिए 24 घंटे डॉक्टरों की टीम लगी रहती है। इंफेक्शन के डर से उनके कमरे में किसी को जाने की अनुमति नहीं है।

4 of 6
Balbir Singh Senior - फोटो : अमर उजाला
सीनियर की बेटी सुखबीर कौर और नाती कबीर मुंह पर मास्क लगाकर उन्हें देखने जाते हैं। बेटी ने बताया कि पिता बलबीर सिंह ने उनके सामने मीठा खाने की इच्छा जताई तो उन्होंने उनके लिए शीरा तैयार किया। बलबीर सिंह को मीठे व्यंजन बेहद पंसद हैं। नाती कबीर ने बताया कि नाना को अपनी डॉग ‘एन्नी’ से काफी लगाव है।‘एन्नी’ उनके साथ ही खाना खाती है।
विज्ञापन

5 of 6
हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर
जब से नाना पीजीआई में एडमिट थे, ‘एन्नी’ ने खाना-पीना कम कर दिया था। घर लौटने पर वह नाना से लिपटने लगी, लेकिन हमें उसे दूर करना पड़ा। बता दें कि पीजीआई में इलाज के दौरान बलबीर सिंह सीनियर के नाती कबीर उनके साथ रहे। वह उन्हें नाना जी कहते थे। इस दौरान वहां रोजाना आने वाली नर्स और अन्य स्टाफ भी उन्हें नाना जी कहने लगे थे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Balbir Singh Senior - फोटो : अमर उजाला
हालांकि, बलबीर सिंह मुंह से कुछ बोल नहीं सकते थे, लेकिन उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद जरूर देते थे। बेटी सुखबीर कौर ने बताया सीनियर का हालचाल जानने के लिए आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, जर्मनी और कनाडा से लगातार फोन आ रहे हैं। इनमें से कई को वह भी नहीं जानतीं। चंडीगढ़ से भी लोग मिलने के लिए लगातार आना चाह रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की हिदायत पर उन्हें किसी से मिलने की इजाजत नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें