राह चलती लड़कियों को छेड़ने वाले मनचलों को अब सही जवाब मिलने लगा है। यानी लड़कियां जागने लगी हैं, पर ‘तमाशबीन’सो रहे हैं। पुलिस की बेरुखी के चलते अब लड़कियां खुद ही अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक हो रही हैं और आरोपियों को सबक सिखा रही हैं।
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लड़कियां जाग रही हैं, 'तमाशबीन' कब जागेंगे?
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तीन दिन में ही ऐसे तीन मामले सामने आ गए हैं। तीन दिन पहले मुंबई में एक स्टेशन पर छेड़छाड़ के आरोपी को घसीटकर पुलिस के पास ले जाने वाली छात्रा मांधारे की कहानी पढ़कर दूसरी लड़कियों का हौसला भी बुलंद हुआ। मांधारे ने यह सब अकेले ही किया,जबकि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद करीब 50 लोग सिर्फ तमाशा देखते रहे।
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मुंबई के बाद अब हरियाणा के करनाल में एक ‘मर्दानी’ने युवतियों में मिसाल पेश करते हुए मनचले का कॉलर पकड़कर पीटा और खुद उसे थाने ले गई। करनाल में यह घटना बस स्टैंड के नजदीक हुई। पंहोडी गांव की रहने वाली खुशबू के साथ एक युवक ने छेड़खानी करनी शुरू की।
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पहले तो लड़की ने उसे नजरअंदाज कर दिया लेकिन हद तो तब हो गई जब मनचले युवक ने लड़की का हाथ पकड़ लिया। लड़की ने पहले तो गुस्से में आकर उसकी जमकर पिटाई की और फिर उसे खुद उसका कालर पकड़कर उसे नजदीक ही बस स्टैंड चौकी ले गई। यहां भी देखने वाले सभी तमाशबीन बने रहे।
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ऐसे ही एक अन्य मामले में मुंबई में एक युवती ने मनचले को जमकर पीटा। मुंबई में ही नौकरी करने वाली 25 वर्षीय युवती ने छेड़छाड़ करने वाले युवक को न सिर्फ पीटा बल्कि उसे पकड़कर पुलिस के हवाले भी कर दिया।
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मलाड की रहने वाली युवती मानश्री चाय पीने सहकर्मियों के साथ बाहर निकली थी जब घटना हुई। वे लोग चाय पीने पहुंचे ही थे कि लगभग 30 साल की उम्र का एक शख्स जो मानश्री के पीछे खड़ा था,गलत ढंग से उसे छूने लगा।
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जब वह पीछे मुड़ी तो आरोपी उस पर हंसने लगा। उसकी हंसी के कारण मानश्री का गुस्सा भड़क गया और उसने उस पर थप्पड़ जड़ दिए। यहां मानश्री जब मनचले को सबक सिखा रही थी तो सहकर्मी बस देखते ही रहे।
सवाल वही बच रहता है। लड़कियों की हिम्मत की दाद दें या तमाशाइयों के लिए अफसोस करें। काश!सिनेमा हाल में बहादुरी के सीन पर ताली पीटने वाले असल जिंदगी में भी आवाज उठाना सीख लें।