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CM वीरभद्र का भतीजे अकांक्ष के मर्डर केस में आया नया मोड़, दोस्तों ने किए खुलासे

Thu, 16 Feb 2017 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष के मर्डर केस में नया मोड़ आ गया है। वहीं उसके दोस्तों ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं, जिन्हें सुनकर पुलिस हैरान है।
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अकांक्ष के हत्यारोपियों का लुकआउट नोटिस - फोटो : अमर उजाला
मामले में अकांक्ष के दोस्तों शेरा व दीप सिद्धू ने पुलिस से कहा कि वे घटना के वक्त मौके पर मौजूद नहीं थे, वे घर के अंदर थे। बाहर क्या हुआ उनको कुछ पता नहीं। जबकि घर के बाहर हंगामा होने की दो बार सूचना दीप सिद्धु ने ही 100 नंबर पर फोन कर दी थी। दोनों ने मंगलवार दोपहर अपने वकील हरमनप्रीत सिंह के साथ सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन पहुंचकर बयान दर्ज करवाए। इस दौरान थाने में डीआईजी आलोक कुमार और थाना प्रभारी पूनम दिलावरी मौजूद थे।
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अकांक्ष के हत्यारोपियों का लुकआउट नोटिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस में दर्ज बयान में शेरा ने बताया कि घटना वाली सुबह वो सेक्टर 9 स्थित दीप सिद्धु के घर के अंदर था। सुबह एक्सीडेंट व शोर- शराबे की आवाज सुनकर जब तक वह बाहर आया तो देखा कि अदम्य व राजन किसी को कार में डालकर ले जा रहे हैं। कुछ दूर तक उसने उनकी कार का पीछा करने की कोशिश की। जब उनकी कार आगे निकल गई तो वह वापस सेक्टर 9 दीप के घर आकर सो गया।

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akansh
शेरा का कहना है कि बीएमडब्ल्यू कौन चला रहा था उसके साथ कौन बैठा था ये उसको नहीं पता है। वही सूत्रों के मुताबिक दीप सिद्धू ने अपने बयानों में कहा कि उसने घर के बाहर हंगामा सुना। जिस पर सुबह करीब 4.30 बजे उसने 100 पर फोन कर हंगामे की कॉल की। लेकिन जब पीसीआर वहां पहुंची तब वहां कोई नहीं था। उसने भी पीसीआर वालों को यही कहा कि शायद हंगामा करने वाले युवक वहां से चले गए।
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Akansh Murder case - फोटो : अमर उजाला
सिद्धू ने अपने बयान में यह भी कहा था कि जब उसने सुबह घर के बाहर एक्सीडेंट व शोर सुना तो उसे लगा फिर से कोई हंगामा कर रहा है। उसने सुबह फिर घर के बाहर हंगामा होने की 100 नंबर पर कॉल की।  लेकिन घर से बाहर आकर नहीं देखा कि वहां क्या हो रहा है। वहीं इन बयानों पर पुलिस का कहना है कि सिद्धू ने दो बार कॉल की तो उसको पता है कि अकांक्ष व आरोपियों में हत्या से पहले झगड़ा हुआ। तभी उसने दो बार पुलिस को फोन कर हंगामे की जानकारी दी।
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का कहना है कि पुलिस शेरा व दीप सिद्धू को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अकांक्ष की मौत का कोई साफ कारण सामने नहीं आया है। रिपोर्ट में सामने आया है कि अकांक्ष की मौत सिर की हड्डियों के बुरी तरह टूटने की वजह से हुई थी। जब तक अकांक्ष पीजीआई में भर्ती था डाक्टरों ने उसका कोई इलाज भी नहीं शुरू किया था क्योंकि उसका सिर इस तरह कुचला हुआ था कि कोई इलाज या आपरेशन नहीं किया जा सकता था।
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों का साफ कहना है कि केमिकल जांच की रिपोर्ट के  बिना वे नहीं कह सकते कि अकांक्ष की मौत कैसे हुई थी। केमिकल रिपोर्ट सीएफएसएल से आएगी। उसमें एक महीना या उससे ज्यादा का समय लग सकता है। वहीं अकांक्ष मर्डर केस में भी वह हत्या के पांच दिन बीतने के बाद भी किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई हैं। यहां तक की हत्या में इस्तेमाल हुई बीएमडब्ल्यू कार का भी सुराग नहीं लगा है।

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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर, हत्याकांड में आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील एसएस बराड़ के अनुसार हरमेहताब सिंह मामले में बेकसूर है। वहीं सरकारी वकील ने जवाब दिया कि एफआईआर के अनुसार फरीद ने ही दूसरे आरोपी बलराज सिंह रंधावा को अकांक्ष पर कार चढ़ाने के लिए उकसाया था। ऐसे में वह बेकसूर कैसे हो सकता है।

 

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बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष हरमेहताब को मामले में झूठा फंसाए जाने की दलील दी। साथ ही इसे हत्या की बजाए एक्सीडेंट करार दिया। उन्होंने कहा कि एफआईआर देखने पर यह विचित्र सी लगती है। वहीं उन्होंने मीडिया में प्रकाशित पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाते हुए दलील दी कि इसमें एक चोट का जिक्र है, जबकि मृतक पर बीएमडब्ल्यू कार रिवर्स कर फिर से चढ़ाए जाने का आरोप लगाया गया है।

 

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एफआईआर के आधार पर घटनास्थल पर मृतक के दोबारा जाने से पहले उनके बीच फोन पर कोई बातचीत नहीं है। अकांक्ष महज झगड़े होने के शक का अंदेशा जताते हुए सुबह के वक्त वापस सेक्टर-18 से सेक्टर-9 आया था। बचाव पक्ष की दलील के मुताबिक हरमेहताब को इसलिए आरोपी बनाया गया है, क्योंकि वह बलराज के साथ कार में था। उनके अनुसार कार का मालिक बलराज है और घटना के वक्त कार भी वही चला रहा था। ऐसे में फरीद के खिलाफ आईपीसी 302 (हत्या की धारा) के तहत केस नहीं बनता।
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उन्होंने कहा कि अदालत से राहत मिलने पर हरमेहताब पुलिस जांच ज्वाइन करने को भी तैयार है। वहीं सरकारी वकील ने मामले को संगीन बताते हुए थोड़ी देर में ही जवाब दाखिल करने की अपील की। इस पर सेशन जज ने ऐसा मुमकिन होने की बात पूछी तो सरकारी वकील ने हामी भर दी। इस पर सेशन जज ने दोपहर बाद केस से जुड़ा समस्त रिकार्ड और जवाब दाखिल करने को कहा। हालांकि दोपहर बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश के किसी कारणवश कोर्ट में नहीं आ पाने पर पुलिस अब बुधवार को जिला अदालत में जवाब दाखिल करेगी।
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