पिता को बचाने निकले थे दो बेटे और भाई, झटके में पांचों को मौत आ गई। शवों का हाल देखकर रो दिए सभी, हादसे की असली सच आया सामने।
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हिसार सड़क हादसा
हादसा हरियाणा के हिसार में हाइवे पर हुआ। सिरसा के पास दुर्जनपुर चौक पर होंडा सिटी और रोडवेज की बस में आमने-सामने की टक्कर हो गई। मरने वाले पांचों लोग फतेहाबाद के काठमंडी के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान (19) विकास पुत्र पप्पू, (30)प्रवीण पुत्र ओम प्रकाश, (25)राधे श्याम पुत्र ओम प्रकाश, (45)रघुवीर पुत्र बंशीलाल, (55)ओमप्रकाश पुत्र बंशीलाल लाल के रूप में हुई।
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हिसार सड़क हादसा
ड्राइवर रमेश ने बताया कि फतेहाबाद की ओर से तेज गति से आ रही कार का पिछला टायर अचानक फट गया था। इससे कार दीवार से रगड़ा खाकर अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पार करके उसकी बस से जा टकराई। बस हिसार से सिरसा जा रही थी। इस भीषण हादसे में कार सवार पिता, चाचा और दो सगे भाइयों समेत पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई। जबकि बस में सवार 11 लोग घायल हो गए।
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हिसार सड़क हादसा
पिता को बचाने के लिए निकले थे
जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर मृतक ओमप्रकाश को अचानक हरे-नीले रंग की उलटी हुई और उसकी तबियत बिगड़ने लगी। पिता की तबियत बिगड़ते देखकर प्रवीण और राधेश्याम ने घर से बाहर निकलकर पड़ोसी विकास को मदद के लिए बुलाया और सभी कार से पहले ओमप्रकाश को शहर के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां से जवाब मिलने के बाद वो पहले अग्रोहा के रास्ते हिसार के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही हादसे का शिकार हो गए।
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हिसार सड़क हादसा
दो भाई और पिता गंवाने वाले रवि के नहीं थमे आंसू
शवों का पोस्टमार्टम अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में किया गया। हादसे में शांति नगर निवासी पुष्पा देवी, अनिल मिश्रा, बहलपुर निवासी शिशपाल, जवाहर नगर निवासी रामकुमार, शिव नगर निवासी विघा देवी तथा उसका पति नानक चंद्र आदि घायल हुए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले कार चालक विकास के बड़े भाई विक्रम के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। दो भाई और पिता खो चुके ओमप्रकाश के तीसरे बेटे रवि को लोग संभाल रहे थे।
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हिसार सड़क हादसा
हादसे में कार के परखचे उड़ गए। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि कार सवार पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई और उनकी लाशें सड़क पर बिखर गईं। एक शव की खोपड़ी के टुकड़े-टुकड़े हो गए। पांचवां शव उछलकर पुल से नीचे करीब 40 फीट दूर जाकर गिरा। हाल देखकर हर कोई सन्न था। सड़क पर हर तरफ खून बिखरा हुआ था। हादसा इतना भयंकर था कि जिसने भी देखा आंखे खुली की खुली रह गई।
हादसे के करीब एक घंटे बाद भी रोडवेज बस के ड्राइवर जगान निवासी रमेश कुमार के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता था। रमेश ने बताया कि मैंने अपनी जिंदगी में ऐसा हादसा कभी नहीं देखा। अगर मेरी बस की स्पीड कुछ अधिक होती तो सवारियों की जान बचाना मुश्किल हो जाता। पता नहीं कैसे ब्रेक लगा दिए। ब्रेक लगाने के कारण मेरे घुटने और हाथ में चोटें आई हैं।