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खुलासा: BSF का हवलदार कैसे बना पाकिस्तानियों का मददगार?

Wed, 13 Jan 2016 01:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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भारत-पाकिस्तान बार्डर पर पाकिस्तानियों की मदद एक BSF का हवलदार कर रहा था। ये खुलासा, मोस्ट वांटेड गैंगस्टर की पूछताछ में हुआ। देखिए, पूरा मामला।
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आरोपी BSF के हवलदार की पहचान प्रेम सिंह निवासी नशहरा ढाला जिला तरनतारन के रूप में हुई। जिस समय उसे काबू किया, उस समय वह छुट्टी पर घर आया था। पाकिस्तान से तस्करी के मामले में बीएसएफ में यह दूसरी गिरफ्तारी है। मोहाली के एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी बीसएफ की 72वीं बटालियन में तैनात था। उसकी ड्यूटी बाड़मेर सेक्टर में है।

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अगस्त-2014 में जब उसकी ड्यूटी फाजिल्का सेक्टर में थी। उस समय वह गैंगस्टरों के संपर्क में आया था। अगस्त से लेकर नवंबर 2014 तक हथियार व ड्रग की दो खेप पाकिस्तान से आई। जो इम्तियाज ने लाहौर पाकिस्तान से भेजी थी। इनमें हथियार व करीब 30-30 किलो हेरोइन थी। जिन्हें आरोपियों ने बीएसएफ के हवलदार प्रेम सिंह की मदद से बार्डर से पार करवाई थी।

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एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में अभी तक उसने दो खेप बार्डर पार कराने की बात मानी है। वहीं, एसएसपी ने साफ किया किसी भी तरह से उनका आतंकियों से कोई संपर्क नहीं है। आरोपी चार दिन के पुलिस रिमांड पर है। जिक्रयोग है कि इससे पहले पुलिस ने श्री गंगानगर से बीएसएफ के एक जवान को गिरफ्तार किया था। वह भी गैंग की पाकिस्तान से आने वाली खेप पैसे लेकर बार्डर पार कराता था।

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1993 से अब तक कई बार्डरों पर हो चुकी है तैनाती: हवलदार प्रेम सिंह 1993 में दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद बीएसएफ में भर्ती हुआ था। उसकी तैनाती बार्डर एरिया में हो चुकी है। इनमें दो गुहाटी आसाम, कश्मीर, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, त्रिपुरा व 2014 से फाजिल्का बार्डर पर तैनात था।

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ऐसे आया गुरजंट के चक्कर में: प्रेम सिंह के गांव का ही हरचंद हेरोइन का काम करता था। उन्होंने प्रेम सिंह को बहला फुसलाकर पैसे का लालच दिया था। साथ ही उसकी मुलाकात गुरजंट सिंह उर्फ भोलू व संदीप से करवाई थी। इसके बाद वह उनके संपर्क में आकर इस काम में लग गया।

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एक मोबाइल व पचास हजार दिए थे: गुरजंट से जब प्रेम सिंह की मुलाकात हुई तो गुरजंट ने उसे एक मोबाइल फोन व दो सिम दिए। इसके अलावा पचास हजार भी उसे दिए थे। वह आरोपियों को ड्यूटी वाली जगह बताता था। इसके बाद रात को बॉर्डर कराते थे।

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ऐसे चलता था कारोबार: एसएसपी ने बताया कि पूरी प्लानिंग से हवलदार प्रेम सिंह नशीले पदार्थों व हथियारों की खेप बार्डर पार करता था। दिन के समय ड्यूटी के दौरान वह स्मगलरों को अपने व आसपास के गांव की लोकेशन बताता और रात के समय बार्डर पार कराता था। जब खेप आती थी तो प्रेम सिंह अपने साथ ड्यूटी में तैनात साथियों को धोखे से बातों में उलझाकर पास बुला लेता था इसके बाद आरोपी नाटकीय ढंग से बॉर्डर पार कर लेते थे।
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