टीम इंडिया को पहला वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव की जिंदगी से जुड़ा एक बड़ा राज, जिसका अंडरवर्ल्ड डॉन से खास कनेक्शन है। इसके बारे में शायद ही कोई जानता हो।
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कपिल देव
कपिल देव के चाहने वालों को जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने एक बार अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को ड्रेसिंग रूम से डांटकर भगाया था। कपिल और दाऊद इब्राहिम के बीच हुए इस वाकए को 'शारजाह में ड्रेसिंग रूम कांड' का नाम भी दिया गया। बात 1987 में शारजाह में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए ऑस्ट्रेलेशिया कप की है। उस दौरान मैच से पहले कपिल देव ने दाऊद इब्राहिम को ड्रेसिंग रूम से डांटकर भगा दिया था।
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कपिल देव
कपिल देव ऐसे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी में साल 1983 में भारत को पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब दिलवाया था। कपिल देव एक अच्छे बॉलर और फील्डर भी हैं। कपिल देव 1999 से करीब 2000 तक भारत के कोच भी रह चुके हैं। कपिल देव का नाम विश्व में सबसे अधिक विकेट लेने वाले क्रिकेटरों में भी शुमार हैं। कपिल देव इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने करियर में टेस्ट मैचों में 400 से भी ज्यादा विकेट लिए हैं और 5 हजार रन बनाए हैं।
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कपिल देव
कपिल देव का जन्म 6 जनवरी, 1959 को चंडीगढ़ में हुआ था। वे बिल्डर और लकड़ी के व्यापारी रामलाल निखंज की छठी संतान थे। इनकी माता राजाकुमारी लाजवंती एक घरेलू महिला हैं। कपिल देव सात भाई-बहन हैं। भारत-पाक विभाजन से पहले उनका परिवार पाकिस्तान के रावलपिंडी में रहता था, लेकिन विभाजन के बाद भारत में आकर रहने लगा था। कपिल देव ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से की और ग्रेजुएशन की पढ़ाई उन्होंने सेंट एडवर्ड कॉलेज से की।
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कपिल देव
शुरुआत से ही कपिल देव का रुझान क्रिकेट की तरफ था। इसलिए वे स्कूल टाइम से ही क्रिकेट की प्रैक्टिस करने लगे थे, उन्होंने क्रिकेट जगत के मशहूर कोच देश प्रेम आजाद से क्रिकेट खेलने की अद्भुत कला सीखी थी। कपिल देव ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत साल 1975 में हरियाणा की टीम के लिए क्रिकेट खेलकर की थी। उन्होंने अपना पहला मैच पंजाब के खिलाफ खेला था और इस मैच में उन्होंने 6 विकेट लेकर पंजाब की टीम को हार की धूल चटाई थी।
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कपिल देव ने साल 1978 में पहला इंटरनेशनल टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। कपिल देव ने साल 1979-1980 में हरियाणा की टीम की तरफ से दिल्ली के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी कर 193 रन की शानदार पारी खेली थी। यह उनके करियर की पहली सेंचुरी थी। साल 1979 में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक लगाकर 124 गेंदों में 126 रन बनाए थे। 1983 में वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'विज्डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर' से सम्मानित किया गया।
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कपिल देव के बारे में उनके पूर्व जोड़ीदार बलविंदर सिंह संधू बताते हैं कि 19 साल की उम्र में कपिल देव 145 की रफ्तार से गेंदबाजी किया करते थे। लंबे समय तक वो भारत के इकलौते स्ट्राइक गेंदबाज रहे। लंबे स्पेल करने में उन्हें महारत हासिल थी। फैसलाबाद टेस्ट में कपिल ने अपने टेस्ट करियर का पहला विकेट सादिक मोहम्मद के रूप में लिया, जिन्हें उन्होंने अपनी ट्रेडमार्क आउटस्विंग गेंद पर आउट किया था।
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क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने कपिल देव को साल 1979-1980 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा। साल 1982 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागिरक सम्मान एक पद्म श्री से नवाजा गया। 1991 में कपिल देव को भारत के सर्वोच्च पुरस्कार में से एक पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया। 24 सितंबर, 2008 को भारतीय सेना ने उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल का दर्जा दिया गया। 2010 में आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
साल 1980 में जब कपिल देव जी 21 साल के थे, तब इनकी शादी रोमी भाटिया से हो गई थी। शादी के बाद दोनों को एक बच्ची पैदा हुई, जिसका नाम अमिया देव है। रोमी से उनकी मुलाकात एक फ्रेंड के जरिए हुई थी। वे रोमी को एक साल तक प्रपोज नहीं कर पाए थे। इस बारे में रोमी बताती हैं कि कपिल तब बहुत शर्मीले थे। उनका आत्मविश्वास जैसा आज है, वैसा उस समय नहीं था। फिर भी उन्होंने प्रपोज किया और हमने शादी कर ली।