पंजाब कांग्रेस का विवाद सुलझाने के लिए विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को उपमुख्यमंत्री का पद देने की अटकलों पर विराम लग गया है। सूत्रों के अनुसार, नवजोत सिद्धू पहले पार्टी हाईकमान और फिर तीन सदस्यीय कमेटी को साफ कर आए हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के अधीन किसी भी पद पर काम करना असंभव है। सूत्रों से पता चला है कि सिद्धू जब तीन सदस्यीय कमेटी के सामने पेश हुए तो उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन का कच्चा-चिट्ठा ही नहीं खोला, बल्कि पंजाब में अफसरशाही द्वारा सरकार चलाए जाने के भी अनेक उदाहरण पेश करते हुए कई अफसरों तक के नाम गिना डाले, जो सीधे तौर पर सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कमेटी को यह भी बताया था कि पंजाब में कांग्रेस विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की सरकार में कोई सुनवाई नहीं है। राज्य में इस समय भी बादल परिवार का ही राज चल रहा है और उनकी सुविधा के अनुसार ही कैप्टन सरकार फैसले ले रही है।