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कांग्रेस की कलह: नवजोत सिद्धू को मिल रहा था ये बड़ा पद लेकिन नहीं माने, अमरिंदर सिंह के अधीन काम करने को तैयार नहीं

Tue, 15 Jun 2021 12:04 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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नवजोत सिंह सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल
पंजाब कांग्रेस का विवाद सुलझाने के लिए विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को उपमुख्यमंत्री का पद देने की अटकलों पर विराम लग गया है। सूत्रों के अनुसार, नवजोत सिद्धू पहले पार्टी हाईकमान और फिर तीन सदस्यीय कमेटी को साफ कर आए हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के अधीन किसी भी पद पर काम करना असंभव है। सूत्रों से पता चला है कि सिद्धू जब तीन सदस्यीय कमेटी के सामने पेश हुए तो उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन का कच्चा-चिट्ठा ही नहीं खोला, बल्कि पंजाब में अफसरशाही द्वारा सरकार चलाए जाने के भी अनेक उदाहरण पेश करते हुए कई अफसरों तक के नाम गिना डाले, जो सीधे तौर पर सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कमेटी को यह भी बताया था कि पंजाब में कांग्रेस विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की सरकार में कोई सुनवाई नहीं है। राज्य में इस समय भी बादल परिवार का ही राज चल रहा है और उनकी सुविधा के अनुसार ही कैप्टन सरकार फैसले ले रही है।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह, सोनिया गांधी, नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
नवजोत सिद्धू द्वारा हाईकमान और कमेटी के सामने किए खुलासों से यह भी साफ हो गया है कि राज्य में कांग्रेस में मचा घमासान आसानी से खत्म होने वाला नहीं है। हाईकमान सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस में बड़ा ओहदा देकर विवाद खत्म करने पर भी विचार कर रहा है लेकिन यह भी स्पष्ट है कि सिद्धू अगर प्रदेश में पार्टी संभालेंगे तो वे कैप्टन की नहीं सुनेंगे।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
इस वजह से कैप्टन के नेतृत्व में अगला चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हाईकमान के लिए नई मुसीबतें खड़ी हो जाएंगी। दरअसल, सिद्धू ने हाईकमान से यह भी कहा है कि अगर वह उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर भी लेंगे तो कैप्टन उन्हें सरलता से काम करने नहीं देंगे।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह, राहुल गांधी, नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2020 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस इकाई को भंग किए जाने के बाद से अब तक प्रदेश इकाई का पुनर्गठन नहीं हुआ है। यहां तक कि प्रदेश प्रधान पद से इस्तीफा दे चुके सुनील जाखड़ को भी हाईकमान ने फिलहाल पद पर बने रहने का निर्देश देकर प्रदेश इकाई का कामकाज चलाए रखा है। 
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नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : फाइल फोटो
वहीं, नवजोत सिद्धू को हाईकमान द्वारा राष्ट्रीय राजनीति में आने की पेशकश भी मंजूर नहीं है। वे पंजाब में ही अपनी सियासी जमीन मजबूत करना चाहते हैं। फिलहाल हाईकमान के आगे कैप्टन का कच्चा-चिट्ठा खोलने के बाद सिद्धू इस समय खामोश हैं और कैप्टन के खिलाफ भी कोई ट्वीट नहीं कर रहे लेकिन हाईकमान के सामने यह मुश्किल खड़ी हो गई है कि कैप्टन और सिद्धू को साथ-साथ लेकर कैसे चला जाए।
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