सियाचिन में अपने प्राणों को न्योछावर कर देने वाले शहीद जवान की कैंसर पीड़ित मां इलाज के लिए भटक रही है। पंजाब सरकार ने परिवार को 50 लाख रुपये और नौकरी देने का एलान किया था लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है। मामला पंजाब के बठिंडा जिले का है। शहीद की मां मनजीत कौर को उसके पति ने घर से निकाल दिया तो अंत में अपने मायके गांव महिराज चली गईं।
मायके वालों के पास उपचार के लिए पैसे न होने पर वह अपना घर बेचने के लिए मजबूर हैं। परिवार ने अपने घर के मुख्य गेट पर लिखा है कि कैंसर पीड़ित माता का उपचार करवाने के लिए घर बिकाऊ है। गांव महिराज निवासी मनजीत कौर की शादी काफी वर्ष पहले गांव महमा सर्जा में हुई थी। शादी के दो वर्ष बाद मनजीत कौर ने बेटे को जन्म दिया जो बड़ा होकर भारतीय सेना में भर्ती हो गया था।