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Photos: श्री हरमंदिर साहिब के बाहर खूनी संघर्ष, जमकर चले डंडे-भाले

Fri, 13 Oct 2017 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर चले भाले
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सरबत खालसा के जत्थेदारों के बीच की तनातनी ने गुरुवार को हिंसक रूप ले लिया। इस बीच श्री हरमंदिर साहिब परिसर के बाहर एसजीपीसी टास्क फोर्स और सरबत खालसा समर्थकों में जमकर भाले चले। घटना में दोनों पक्षों की ओर से दो-दो लोग घायल हुए हैं। 
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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर चले भाले
इससे पहले दोनों पक्षों में झगड़ा हरमंदिर साहिब परिसर के अंदर ही शुरू हुआ। झगड़े में शामिल दोनों तरफ के लोग बाद में मंदिर परिसर के बाहर आकर खूनीं झड़प पर उतारू हो गए। मौके पर भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल के प्रयास से मामला शांत हो सका। विवाद की असर वजह गुरुद्वारा श्री घल्लुघारा साहिब गुरदासपुर में बीते दिनों हुई दुराचार की घटना है।
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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर चले भाले
इसकी वजह से सरबत खालसा के जत्थेदारों के हुक्मनामे पर यहां की प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मास्टर जौहर सिंह श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने पहुंचे थे, लेकिन एसजीपीसी की ओर से उनका विरोध किया गया। मामले में एसजीपीसी की ओर से कहा गया है कि हिंसक हरकत में शामिल सरबत खालसा समर्थकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करे। वहीं  सरबत खालसा के जत्थेदारों ने भी पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच के तहत उचित कार्रवाई की मांग की है। 

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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर चले भाले
घटना को सरबत खालसा के जत्थेदारों ने श्री हरमंदिर साहिब के इतिहास में इस तरह की पहली घटना करार दिया है। घटना में घायल लोगों की पहचान सरबत खालसा समर्थक सतनाम सिंह मनावा और जरनैल सिंह सखीरा तथा एसजीपीसी की ओर से अमरीक सिंह और बिजय सिंह के रूप में हुई है।  हरमंदिर साहिब परिसर के अंदर विवाद तक शुरू हुआ, जब सरबत खालसा की जत्थेदारों के हुक्मनामे पर गुरुद्वारा श्री घल्लुघारा साहिब गुरदासपुर की प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मास्टर जौहर सिंह श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होने पहुंचे। 
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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर चले भाले
मास्टर जौहर सिंह अपने साथियों के साथ हरमंदिर साहिब में जैसे ही श्री अकाल तख्त साहिब पर माथा टेककर कीर्तन श्रवण करने लगे, उन्हें एसजीपीसी टास्ट फोर्स और एसजीपीसी के कर्मचारियों ने घेर लिया। वे उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब से उठाकर हरिमंदिर साहिब परिसर के बाहर ले गए। मास्टर जौहर सिंह का आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल गिर गया, जिसे एक एसजीपीसी कर्मचारी ने उठा लिया। मोबाइल वापस न करने पर विवाद और बढ़ गया। जैसे ही एसजीपीसी के कर्मचारी मास्टर जौहर सिंह को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय वाले जौड़ा घर के बाहर छोड़कर अंदर जाने लगे, इतने में सरबत खालसा के समर्थक वहां पहुंच गए।
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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर चले भाले
वे जौहर सिंह को वापस श्री अकाल तख्त साहिब की ओर लेकर जाने लगे तो एसजीपीसी टास्क फोर्स ने सभी को आगे बढ़ने से रोक दिया और तलवार-भाले निकाल लिए। इस बीच दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान भाले से किए गए हमले में सतनाम सिंह मनावा का बाया हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वहीं जरनैल सिंह सखीरा के कपड़े फाड़ गए और पीठ पर भाला लगने से वह भी जख्मी हो गए। जबकि गोपाला के मुंह पर धूंसा लगने से पगड़ी उतर गई। इतने में सरबत खालसा के जत्थेदार भी श्री हरमंदिर साहिब के अंदर से दौड़ते हुए मौके पर पहुंच गए। 
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श्री हरमंदिर साहिब के बाहर चले भाले
आरोप था कि उन्हें भी हरमंदिर साहिब कैंपस में एसजीपीसी और उसकी टास्क फोर्स ने बैठक नहीं करने दी। मामला कुछ सांत होने पर सरबत खालसा के जत्थेदारों ध्यान सिंह मंड, बलजीत सिंह दादूवाल और अमरीक सिंह ने दो अन्य सिंहों के साथ श्री हरमंदिर साहिब के घंटाघर वाले प्रवेश द्वार के पास बैठक शुरू कर दी, तो एसजीपीसी टास्क फोर्स के कर्मचारियों ने एक बार फिर उन्हें ऐसा करने से रोका। इस पर सरबत खालसा समर्थक भी भड़क गए, जिसकी वजह से टास्क फोर्स के कर्मचारियों को पीछे हटना पड़ा। 
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