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नॉनवेज या चिकन खाने को शौकीनों को तगड़ा झटका, पढ़िए काम की ये खबर

Fri, 09 Jun 2017 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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गैर शाकाहारी हो जाएं सावधान
नॉनवेज और चिकन खाने के शौकीन लोगों के लिए बुरी खबर है। अब जरा सोच समझकर ही खरीदें और खाएं, देखिए ये खबर आपके बड़े काम की है।
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गैर शाकाहारी हो जाएं सावधान
दरअसल, देश के कई हिस्सों में चिकन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी होना शुरू हो गई है। एसोचैम द्वारा करवाए गए सर्वे में संभावना जताई गई है कि बीफ पर प्रतिबंध के बाद चिकन की कीमतों में 25 से 30 फीसदी की वृद्धि और खपत में 35-40 फीसदी की वृद्धि होने की संभावना है।
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एसोचैम ने यह सर्वे आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश में करवाया है। एसोचैम ने उपरोक्त राज्यों में लगभग 100 पोल्ट्री दुकानों का त्वरित सर्वेक्षण किया। इसमें दुकानदारों का कहना है कि गर्मी के बावजूद मांग तेजी के साथ बढ़ रही है और वर्तमान में कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत वृद्धि हो सकती है। हालांकि इसकी वजह रमजान भी है।

 

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गैर शाकाहारी हो जाएं सावधान
एसोचैम इकोनॉमिक रिसर्च ब्यूरो (एईआरबी) के विश्लेषण में कहा गया है कि पोल्ट्री होल सेल प्राइस इंडेक्स में भी 22 प्रतिशत से बढ़ोतरी हुई है। बीफ और भैंस का मांस मई 2014 से मार्च 2017 के बीच करीब तीन प्रतिशत कम हो चुका है। पोल्ट्री फार्म से चिकन का उत्पादन चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से 10 से 12 प्रतिशत बढ़ा है जबकि पिछले कुछ वर्षों के दौरान इसकी खपत 15-18 फीसदी की दर से बढ़ रही है।

 
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गैर शाकाहारी हो जाएं सावधान
एसोचैम के विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि जून 2013 और मई 2014 के बीच, गोमांस और भैंस के मांस में 10 प्रतिशत से अधिक होल सेल दर में वृद्धि हुई, जबकि पोल्ट्री चिकन में नौ फीसदी की गिरावट आई। एसोचैम द्वारा किए गए सर्वे में अधिकांश ने कहा कि बेशक पोल्ट्री की मांग और कीमतों में आमतौर पर गर्मियों में गिरावट होती है, पर बीफ पर प्रतिबंध लगाने के कारण ऐसा नहीं है।
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गैर शाकाहारी हो जाएं सावधान
एसोचैम के विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि जून 2013 और मई 2014 के बीच बीफ में 10 प्रतिशत से अधिक थोक मूल्य स्तर में वृद्धि हुई, जबकि पोल्ट्री चिकन के बारे में नौ प्रतिशत की गिरावट आई। एसोचैम प्रवक्ता ने विश्लेषण के निष्कर्ष बताते हुए कहा कि बीफ प्रतिबंध और संबंधित विवाद निश्चित रूप से आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और अन्य प्रमुख क्षेत्रों जैसे राज्यों में पोल्ट्री फर्मों के लिए लाभदायक है।
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गैर शाकाहारी हो जाएं सावधान
चिकन में खपत का मुख्य कारण प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी और फास्ट फूड और रेस्टोरेंट में वृद्धि है। एसोचैम का सुझाव है कि सरकार को पोल्ट्री किसानों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्हें निर्यात/आयात बाजार के मामले में विकसित देशों के मुकाबले बराबर का पायदान दिया जा सके। देश के पास मौका है पोल्ट्री में एफडीआई लाने का मौका है। इसमें ब्रीडिंग, दवा, फीड स्टॉक, ऊर्धवाधर एकीकरण और प्रसंस्करण आदि में ज्यादा स्कोप हैं।
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