आस्था और सूर्योपासना का महापर्व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया। तस्वीरें
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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन
लोक आस्था का महापर्व छठ सोमवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। छठ पर्व के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने व्रत खोला।
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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन
इससे पहले रविवार शाम को व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया था। सेक्टर- 42 न्यू लेक पर मुख्य आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने घाट पर दीप जलाए।
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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन
बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर-प्रदेश के लोग इस पर्व को मनाते हैं। खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है।
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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन
मान्यता है कि इस पर्व को मनाने से पारिवारिक सुख-समृद्धि होती है। छठ पर्व के समापन के मौके पर न्यू लेक पर शहर के पूर्व सांसद पवन बंसल और चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा पहुंचे।
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उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का समापन
बिहार परिषद के अध्यक्ष उमाशंकर पांडेय ने बताया कि सूर्य को अर्घ्य देकर सोमवार को न्यू लेक पर 20 हजार से अधिक लोगों ने छठ व्रत समाप्त किया है। संस्था की ओर से सुबह न्यू लेक पर प्रसाद बांटा गया।
बिहार परिषद की ओर से वीएन गिरी, वीरेंद्र गुप्ता, राजन गुप्ता, धनंजय राय, सत्यनारायण यादव, रमेश यादव, अभिताभ द्विवेदी, डा. लाल बहादुर दुबे, प्रमोद चौबे, सत्यम ओझा और उमेश तिवारी मौजूद रहे। वहीं, छह पर्व मनीमाजरा, इंदिरा कॉलोनी, हल्लोमाजरा और दड़वा में भी मनाया गया।