फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश में पहली बार, विरोध जताने को आधी रात सड़क पर घूमीं लड़कियां

Sun, 13 Aug 2017 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
‘औरतें उठीं नहीं तो जुल्म बढ़ता जाएगा...’ ऐसे ही नारों के साथ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आधी रात में सड़क पर उतरीं। जानिए कहां और क्यों?
विज्ञापन

2 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
‘औरतें उठीं नहीं तो जुल्म बढ़ता जाएगा...’ गीत से ‘आजादी मार्च’ की शुरुआत हुई। इसके बाद कुछ गीत और क्रांतिकारी नारेबाजी के साथ कारवां बढ़ता गया और चंडीगढ़वासी इसके साथ जुड़ते गए। 
विज्ञापन

3 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
मार्च में हर उम्र वर्ग की युवतियां, महिलाएं, बच्चे, युवा, बुजुर्ग तक ने भागीदारी की। मकसद सिर्फ महिलाओं की आजादी, उन्हें बेखौफ जीने देने की आजादी। उनके सम्मान की आजादी, उनके पहनावे उनके रहन-सहन और उनकी समाज में बराबर की भागीदारी। 

4 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
दरअसल, हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस की बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के विरोध में शुक्रवार रात महिलाओं ने बेखौफ आजादी मार्च निकाला। यह मार्च रोज गार्डन से रात करीब दस बजे शुरू होकर एफेल टावर तक गया। इसकी शुरुआत नारेबाजी के साथ हुई। 
विज्ञापन

5 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
एमी ने कहा कि चंडीगढ़ में महिलाओं से छेड़छाड़ एवं अन्य घटनाएं प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। हालात रोज बदतर हो रहे हैं। चाहे वर्णिका का मामला हो या फिर दस साल की बच्ची से दुराचार का। मार्च की शुरुआत मशाल जलाकर हुई। पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स, कई एनजीओ और महिलाओं से भरा यह मार्च रोज गार्डन से चला तो सड़क पर जाम की स्थिति बनने लगी। 
विज्ञापन

6 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
हालांकि आयोजन कर्ताओं ने चंद मिनट में ही दो लाइनें बनवाईं और जाम की स्थिति खत्म कर दी। मार्च के दौरान ढोल की थाप पर स्टूडे्ंट्स ने जबरदस्त नारेबाजी की। यह मार्च सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी तक गया। वहां पर महिलाओं ने महिला आजादी से जुड़ी कविताएं सुनाईं और महिला आजादी पर व्याख्यान दिए। इसके बाद यह मार्च दोबारा सेक्टर-16 के रोज गार्डन में खत्म हुआ। 
विज्ञापन

7 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
जंजीरों में जकड़ी ममी बनाई 
पपेट थिएटर चंडीगढ़ के शुभाशीष ने मार्च के दौरान महिलाओं की त्रासदी को दर्शाती एक ममी तैयार की थी। इसके साथ ही उन्होंने मार्च के खत्म होने पर मार्केट में महिलाओं की आजादी से जुड़ा एक नाटक किया। इसमें भवनेश, बेगमा और वरुण के साथ शुभाशीष शामिल रहे।  

8 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
चंडीगढ़ में हम आज बैखौफ आजादी की बात कर रहे हैं तो उसके पीछे मकसद है सोते हुए लोगों को जगाना, कानून व्यवस्था को चाक चौबंद करवाना और महिलाओं को उनके अधिकारों के  प्रति सचेत करना।

गल चुकी हैं मोमबत्तियां
गल चुकी हैं मोमबत्तियां
जल चुकी हैं मोमबत्तियां
बहुत देर तक जलकर आग 
इस बार जंगल में लगी है...

आगे पढ़िए...

9 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
...हजारों साल पहले जिसे महज दरवाजा समझा
ताला लगाया था उस पर 
उसकी चाबी छुपाकर
इस दरवाजे को जितना बंद रखोगे
ये उतना ही खुलता जाएगा 
क्योंकि यह तुम्हारे टूटे हुए जमीर की तरह कमजोर नहीं
सौम्या जोशी, पीयू चंडीगढ़।
विज्ञापन

10 of 10
Chandigarh's Bekhauf Azadi March
बाइकर्स ग्रुप भी आए सपोर्ट में
शहर के दो बाइकर्स ग्रुप एफबीआई (फ्लाइंग बाइक्स ऑन आयरन ब्यू) और हॉली-हॉली सौ ते ने भी इस मार्च में भागीदारी की। हॉली-हॉली सौ ते ग्रुप के सदस्य प्रवीण जग्गी ने कहा कि वह यहां एक वर्णिका नहीं ब्लकि उन सभी युवतियों के लिए आए हैं, जो रोज इस तरह का सामना करती हैं। लड़कियों, युवतियों का पीछा सभी जगह हो रहा है। ये अब बंद होना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें