एक महिला ने तीन बार सुसाइड की और उसके बावजूद वो बच गई और सही सलामत है। इसे किस्मत कहेंगे या इत्तेफाक, पर हर कोई हैरान है।
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मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
घटना गाजियाबाद की है और वजह चंडीगढ़ से जुड़ी है। दोनों मां-बेटी रहने वाली भी चंडीगढ़ की ही थीं। बेटी मेहर की तो मौत हो गई, लेकिन मां विनीता बच गई। जबकि दोनों ने तीन बार सुसाइड करने की कोशिश की थी और इस कोशिश में बेटी कामयाब हो गई। वजह बना कर्ज, जिसे विनीता ने हाई क्लास सोसायटी में फ्लैट खरीदने के लिए लिया था और जिसकी किस्तें वो चुका रही थी।
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मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
लेकिन अब आर्थिक तंगी के कारण वह समय पर किस्त नहीं दे पाई। कर्ज का बोझ इतना बढ़ा कि विनीता ने बेटी मेहर (10) के साथ जान देने की योजना बनाई। बेटी ने फंदा लगाकर जान दे दी। मां ने ब्लेड से हाथों की नसें काट लीं। उसकी गंभीर हालत होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी सिटी आकाश तोमर का कहना है कि मौके से मिले सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।
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मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
विनीता ने पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों के जहन में मानसिक तनाव इस कदर हावी हो चुका था कि शनिवार रात से लेकर रविवार सुबह तक आत्महत्या करने की तीन बार कोशिश की, लेकिन उस वक्त तक तकदीर उनका साथ देती रही। इसके बाद रविवार सुबह चौथा प्रयास किया। इस बार नसें कटने से मां विनीता गंभीर हालत में पहुंच गई और इससे घबराकर 10 साल साल बेटी ने फंदा लगा लिया।
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मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
मां-बेटी ने शनिवार रात से सुबह तक के करीब 12 घंटों में तीन बार सुसाइड का प्रयास किया। रात में सबसे पहले दुपट्टे का फंदा बनाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन एक साथ दोनों फंदे पर नहीं लटक सकी। इसलिए इरादा बदल गया, लेकिन दुपट्टा फंदा बनकर कमरे के पंखे पर लटका रहा। उसके बाद 19वीं मंजिल के अपने फ्लैट की बालकनी से नीचे कूदकर आत्महत्या को सोची तो नीचे खड़े लोगों को देखकर पीछे हट गईं।
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मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
रात करीब 11 बजे दोनों ने जान देने का नया तरीका सोचा। घर में टायलेट साफ करने के लिए लाकर रखी गई फिनायल को पी लिया जाए। इसके बाद मां-बेटी ने झट से 900 एमएल की पूरी फिनायल एक साथ पी ली, जिसके नशे में दोनों सो गई लेकिन किस्मत उनका साथ दे रही थी। नशा उतरा तो रविवार सुबह दोनों की आंख खुली। मां के सिर पर आत्महत्या का नशा फिर भी सवार था। इसलिए ब्लेड से नसें काटनी शुरू कर दीं।
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मां ने जान देने की कोशिश की, बेटी ने फंदा लगाया
विनीता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि मुझे खून से लथपथ देख मेहर घबरा गई थी, इसलिए मैंने उसे भी सलाह दी कि मेरे बाद तेरा कोई नहीं बचेगा। इसलिए तू भी आत्महत्या कर ले। ऐसे में सुंदरदीप वर्ल्ड स्कूल की चौथी कक्षा की छात्रा मेहर 12 घंटे से पंखे पर बंधी चुन्नी से फंदा लगाकर झूल गई और उसकी मौत हो गई। बेटी को फंदे पर झूलता देखकर मैं बेहोश हो गई। लहूलुहान हालत में विनीता करीब दो घंटे तक तड़पती रहीं, लेकिन किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी।
खुदकुशी से पहले शिव की मूर्ति के सामने तोड़ी हाथों की चूड़ियां
विनीता ने बताया कि परेशानी के चलते वह अपने घर के मंदिर में भगवान शिव के आगे बैठ कर रोई थी। आत्महत्या के लिए उसने भगवान से माफी भी मांगी थी। नस काटने से पहले विनीता ने हाथों की चूड़ियों को मंदिर में ही तोड़ दीं। पुलिस का कहना है कि मां-बेटी ने आत्महत्या के प्रयास के दौरान भगवान की मूर्ति को सामने मेज पर रख लिया था। मूर्ति घटनास्थल पर रखी पाई गई है।