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Budget 2020: पंजाब की महिलाएं बोलीं- थैंक्स निर्मला सीतारमण, पढ़ें- क्यों कहा सराहनीय बजट

Sat, 01 Feb 2020 06:06 PM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
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Budget 2020 - फोटो : अमर उजाला
थैंक्स निर्मला सीतारमण...एक महिला वित्त मंत्री होने के कारण महिलाएं को बजट से काफी उम्मीदें थीं और बजट काफी हद तक महिलाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरा भी है। आइए जानें बजट 2020 पर महिलाओं की प्रतिक्रियाएं...
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चारू ढल्ल, कारोबारी  - फोटो : अमर उजाला
देश की महिलाओं की ओर इस बजट में खास ध्यान दिया गया है। महिलाओं के स्वास्थ्य को जहन में रखकर सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की है। सबसे खास बात है कि महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 10 करोड़ परिवारों के न्यूट्रिशन की घोषणा की गई है। यह एक नया इतिहास लिखेगा। चारू ढल्ल, कारोबारी 
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दीप्ति जैन, गृहिणी  - फोटो : अमर उजाला
निर्मला सीतारमण ने महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 28 हजार 600 करोड़ रुपये बजट में रखे हैं, यह एक सराहनीय कदम है। इससे महिला सशक्तीकरण होगा। अब शायद ही कोई ऐसा सेक्टर होगा, जिसमें महिला काम नहीं कर रही है। महिलाएं आगे बढ़ रही हैं और महिलाओं के लिए तमाम योजनाओं पर अगर सरकार पैसा खर्च करती है तो एक बदलाव तो देखने के लिए मिलेगा।  दीप्ति जैन, गृहिणी 

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मनिका तनेजा, काउंसिलर, विदेशी एजुक्शन सेक्टर - फोटो : अमर उजाला
इस बजट के बाद महिलाओं की दशा में काफी सुधार होगा, खासकर जो गरीबी की रेखा से नीचे जीवन जी रही हैं। बजट में यह भी घोषणा की गई है कि छह लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए जाएंगे। यह घोषणा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए काफी बेहतर कही जा सकती है क्योंकि काम के दौरान उन्हें अक्सर कम्युनिकेशन की समस्या का सामना करना पड़ता है। मनिका तनेजा, काउंसिलर, विदेशी एजुक्शन सेक्टर
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कोमल मेहता, प्रोफेसर, सेंट सोल्जर लॉ कॉलेज  - फोटो : अमर उजाला
 वित्त मंत्री ने कहा- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की सफलता उल्लेखनीय है। लड़कियों के स्कूल जाने का आंकड़ा लड़कों से ज्यादा है। यह खुशी की बात है। 98 फीसदी लड़कियां नर्सरी लेवल पर स्कूल जा रही हैं। प्लस टू लेवल पर भी इसी तरह के आंकड़े हैं, लड़कियां लड़कों से किसी मामले में पीछे नहीं है। महिलाओं के उत्थान के लिए निर्मला सीतारमण ने उन महिलाओं को फोकस किया, जो न्यूट्रिशन की कमी से बीमार हो रही हैं। केंद्र सरकार मां बनने की उम्र को बढ़ाने पर भी चर्चा कर रही है। इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा जो 6 महीने में इस मुद्दे पर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके लिए उनको थैंक्स कहना तो बनता है। कोमल मेहता, प्रोफेसर, सेंट सोल्जर लॉ कॉलेज 
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