प्रथम विश्व युद्ध
एक जवान से मोर्चे से लिखा कि, हमें यहां बहुत मारा-पीटा जाता है, हालात बहुत खराब है, घर से किसी को भी फौज में भर्ती मत होने देना। वहीं दूसरे जवान ने लिखा कि, हमारे साथ यहां भेड़-बकरियों से भी ज्यादा बदतर हालात हो रहे हैं, हालात हम बता नहीं सकते।
एक अन्य जवान ने लिखा, हम घायल हो गए, हमें तीन महीने तक अस्पताल में ही रखा गया, बाहर आने तक की इजाजत नहीं दी गई, पता नहीं कब लौटेंगे।
- एक जवान ने लिखा, मुझे गोली लगी है, सोचा था शायद वापस आ जाऊंगा, लेकिन इलाज के बाद मुझे दोबारा मोर्चे पर भेजा जाएगा, मन बहुत उदास है।