अगर मां अपने नवजात बच्चे को कोरोना संक्रमण से बचाना चाहती हैं तो उन्हें बस एक तरीका अपनाना होगा, जो शिशुओं के लिए वरदान साबित होगा।
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कोरोना महामारी के दौर में मां का दूध बच्चे के लिए वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि मां के दूध में पाए जाने वाले तत्व नवजात में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के साथ ही उसे संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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यह जानकारी जीएमएसएच-16 चंडीगढ़ में गाइनी डिपार्टमेंट की हेड डॉ. अमनदीप ने स्तनपान जागरूकता सप्ताह के समापन के अवसर पर दी। इस मौके पर ओपीडी में आई महिलाओं और गर्भवतियों को स्तनपान के फायदे बताए गए।
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डॉ. ने बताया कि बच्चे को दूध पिलाने से फिगर खराब नहीं होती। महिलाओं का यह भ्रम है कि बच्चे को दूध पिलाने से कमजोरी आने के साथ ही फिगर खराब होती है, जो बिल्कुल गलत है। बच्चे को दूध पिलाने से मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है।
डॉ. ने बताया कि अपना दूध पिलाने से बच्चे की शारीरिक क्षमता से लेकर मानसिक क्षमता मजबूत होती है। इसके साथ ही महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर और कई गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। इसलिए जन्म के बाद कम से कम 6 महीने तक बच्चे को नियमित रूप से मां का दूध पिलाना चाहिए।