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किन्नर की भूमिका निभा चुका है बॉलीवुड का ये सुपर स्टार, इंटरव्यू में खोले जिंदगी के राज

Wed, 29 Mar 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
इंजीनियर बनने गया था और एक्टर बन गया, किन्नर की भूमिका तक निभाई। ये कहानी है बॉलीवुड के उस सुपरस्टार की, जिनका नाम सुनते ही दिल गुदगुदाने लगता है।
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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
हम बात कर रहे हैं परेश रावल की। वे अपने नाटक कृष्ण वर्सेज कन्हैया को लेकर चंडीगढ़ आए थे। यहां उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। सेंसर बोर्ड की बात की, थियेटर पर भी बोले। राजनीति पर उन्होंने ज्यादा बात की। बता दें कि परेश रावल गुजरात के पूर्वी अहमदाबाद सीट से बीजेपी के लोकसभा सदस्य हैं।
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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
परेश रावल कहते हैं कि ‘फिल्मों से ज्यादा आनंद थिएटर में एक्ट करने पर आता है। मेरे लिए थिएटर ही लाइफ है। सेंसरशिप से जुडे़ सवाल पर परेश रावल ने कहा कि एक कलाकार के नाते मुझे लगता है कि सेंसर बोर्ड नहीं होना चाहिए। देश के नौजवानों के लिए परेश रावल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में काफी जोश हैं। वह अपने करियर के बारे में भी गंभीर है और सोच समझ कर आगे बढ़ रही है।

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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
परेश रावल ने पेड थिएटर की वकालत करते हुए कहा कि आज के समय में यह एक बेहतरीन पहल है। चंडीगढ़ में पेड थिएटर के बारे में उन्होंने कहा कि यह शहर पढे़-लिखों का है। यहां के लोग हमेशा से ही कलाकारों को सम्मान देते आए हैं। शहर में पेड थिएटर का होना थिएटर कलाकारों को आगे बढ़ाने वाला कदम हैं। नाटकों में जब से टिकट से एंट्री लेकर लोग देखने आते हैं तो इससे कलाकारों का भी हौसला बढ़ता हैं।
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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
परेश रावल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता की तारीफ करते हुए कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से उनके व्यक्तित्व को लेकर की जाने वाली बातें गलत हैं। रावल ने बताया कि मोदी की लोकप्रियता से ही यूपी के चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की है। उनका कहना है कि विपक्षी दलों को मोदी से सीख लेनी चाहिए। मोदी के संदर्भ में जिस तरह से विधवा विलाप कर रहे हैं, उसे अब बंद करें।
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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
वहीं परेश रावल ने हाल ही में पड़ोसी देश के कलाकारों के वापिस भेजे जाने के सवाल के जवाब में कहा सभी कलाकार एक जैसे होते हैं,  लेकिन राष्ट्रहित के लिए सभी कलाकारों को एकजुटता दिखानी चाहिए। परेश रावल ने कहा कि पहले वह एक एक्टर रूप में ही दुनिया को देखते थे, लेकिन जब सांसद बने और पार्लियामेंट गए तो देखने के नजरिए और सोच में भी बदलाव आया।
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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
वहीं बालीवुड में अपकमिंग फिल्म के बारे में उन्होंने बताया कि वो संजय दत्त बॉयोग्राफी पर बन रही फिल्म में संजय दत्त के पिता सुनील दत्त की भूमिका निभा रहे हैं और यह काफी चैलेंजिंग रोल है। इसके अलावा सलमान खान की मूवी 'टाइगर जिंदा है' में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आऊंगा। यह पहली बार होगा जब मैं यशराज फिल्म्स के किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनूंगा।

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परेश रावल
परेश रावल का जन्म 30 मई 1950 को हुआ। 22 साल की उम्र में पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मुंबई आ गए और सिविल इंजीनियर के रूप में काम पाने के लिए संघर्ष करने लगे। परेश रावल ने अपने सिने करियर की शुरुआत 1984 में रिलीज हुई फिल्म 'होली' से की। इसी फिल्म से आमिर खान ने भी इंडस्ट्री में कदम रखा। 1993 परेश रावल के करियर का महत्वपूर्ण साल साबित हुआ।

 

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परेश रावल
1997 में प्रदर्शित फिल्म 'तमन्ना' भी परेश रावल की महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे किन्नर की भूमिका निभाई जो समाज के तमाम विरोध के बावजूद एक अनाथ लड़की का पालन पोषण करता है। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास सफल नही हुई, लेकिन परेश रावल ने अपने भावपूर्ण अभिनय से दर्शको के साथ ही समीक्षकों का भी दिल जीत लिया था।
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परेश रावल उर्फ बाबूराव गणपतराव आप्टे
साल 2000 में प्रदर्शित फिल्म 'हेराफेरी' रिलीज हुई, जो परेश रावल की सर्वाधिक सफल फिल्म मानी जाती है। प्रियदर्शन निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने बाबू राव गणपत राव आप्टे का किरदार निभाया। तभी से लोग उन्हें इस नाम से भी पुकारने लगे। इस फिल्म में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी के साथ वे थे और इस तिकड़ी के कारनामों ने दर्शकों को हंसाते हंसाते लोटपोट कर दिया।

 
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