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स्नेकमैन, जिसके हाथों में खेलते हैं सांप, ब्लैक कोबरा पकड़ा

Thu, 31 Dec 2015 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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आईए आपको मिलाते हैं एक ऐसे स्नेकमैन से, जहरीले सांप जिसके हाथों में खेलते हैं। पानीपत में ब्लैक कोबरा दिखा तो स्नेकमैन हो ही बुलाया गया। देखिए, पूरा मामला।
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पानीपत में असंध रोड पर कॉटन वेस्ट फैक्ट्री में गांठ उठाते हुए श्रमिकों को ब्लैक कोबरा सांप दिखाई दिया। इसकी सूचना फैक्ट्री संचालक गुरविंदर को दी। फिर सांप पकड़ने वाले स्नेकमैन सतीश फफड़ाना को बुलाया गया। पौन घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़कर जंगलों में छोड़ा गया। फैक्ट्री संचालक गुलजार सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में पहले भी दो बार कोबरा मिल चुका है, क्योंकि आसपास खेत हैं और पुराना वेस्ट भी पड़ा है।
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कई बार जीवन ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जिससे हमारी पूरी जिंदगी ही बदल जाती है। मिल‌िए ऐसे ही एक शख्स से जिसकी जिंदगी एक सांप ने बदल दी और वो बन गया Snake Man

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कई बार जीवन में घटी घटना जीवन को नया मोड़ और दिशा दे देती है। कुछ ऐसी ही कहानी है हरियाणा के करनाल के गांव फफड़ाना के रहने वाले सतीश कुमार की। सतीश की जिंदगी एक सांप ने पूरी तरह से बदल दी। दरअसल सतीश जब सातवीं कक्षा में था तो उसे सांप ने काट लिया। इलाज से सतीश की जान तो बच गई लेकिन तब से उसकी जिंदगी एकदम बदल गई।
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सतीश के मन में सांपों को जानने की इच्छा बढ़ी। इसके बाद उसने सांपों से संबंधित किताबें पढ़ीं, विशेषज्ञों से मिले और सांपों को पकड़ना शुरू कर दिया। सतीश सांप पकड़ने और उनसे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए स्नेक पार्क चेन्नई में प्रशिक्षण ले चुके हैं। इसके साथ-साथ पुणे, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी सांपों के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लिया है।

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स्नेक मैन सतीश 1998 से लेकर अब तक हरियाणा में पाई जाने वाली सभी प्रजातियां की सांपों समेत 9 हजार के करीब सांप पकड़ चुका है। बकौल सतीश वह प्रदेशभर में सांप पकड़ने के लिए जाता है और सांप पकड़ने के बाद वाइल्डलाइफ अधिकारियों की सहायता से उन्हें जंगल में छोड़ देता है।

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लोगों तक पहुंचने के लिए सतीश ने रोचक तरीका अपनाया है। उसने करनाल और पानीपत की हर नाई की दुकान पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर पोस्टर लगा रखा है। प्रदेश में कोई भी उसे फोन कर उसकी संवाए ले सकता है, सतीश ये सेवाएं फ्री में देता है। अभी हाल ही में स्नेक मैन सतीश को सांप पकड़ने ‌के लिए स्पेशल ग्लब्स दिए गए हैं।

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बचपन में सांप ने क्या काटा? सांपों के बारे में न सिर्फ सारी जानकारी हासिल की, ब्लकि सांपों को पकड़ने में भी महारत हासिल कर ली। देखिए, इस स्नेकमैन को।

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ये स्नेकमैन हैं हरियाणा के करनाल के गांव फफराना के सतीश। सतीश कहते हैं कि बचपन में जिस सांप ने उसे काटा था, डॉक्टरों ने कहा था कि वह ज्यादा जहरीला नहीं था, इसलिए वह बच गया।

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सतीश के मुताबिक इसके बाद से ही उसे सांपों के बारे में जानकारी हासिल करने का जुनून सवार हो गया। उसने सांप पकड़ने के लिए पुणे से विशेष ट्रेनिंग भी ली है। साथ ही अमेरिका से सांप पकड़ने के लिए विशेष दस्ताने भी मंगवाए हुए हैं। 

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सतीश ने बताया कि वह अब तक करीब 10 हजार से ज्यादा सांप पकड़ चुका है। जिसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान में पिछले 17 सालों से यह सेवा कार्य जारी है।

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बीते दिनों सतीश ने कैथल में एसपी कृष्ण मुरारी के घर से करीब सात फुट लंबे काले रंग का वाइपर प्रजाति का सांप पकड़ा। सतीश ने बताया कि इस मौसम में वाइपर प्रजाति के सांप बाहर निकलते हैं। वहीं, लू कम होने पर कोबरा सांप बाहर निकलना शुरू होंगे।

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