अगर आपको ऑनलाइन शॉपिंग का शौक है तो जरा अलर्ट हो जाएं। वरना आपको इस युवक की तरह पछताना पड़ेगा। जानिए क्या है मामला?
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ऑनलाइन शॉपिंग
जब भी ऑनलाइन ऑर्डर करके पसंदीदा सामान मंगाएं तो पार्सल रिसीव करते वक्त डिलीवरीमैन के सामने खोलकर जरूर चेक कर लें। कहीं ऐसा न हो कि आप पेमेंट भी कर दें और पार्सल के अंदर वह सामान ही न निकले।
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ऑनलाइन शॉपिंग
ऐसा ही एक वाकया रोहतक जिले में महम के हिमांशु मुंजाल के साथ सामने आया है। हिमांशु ने ऑनलाइन फोन ऑर्डर किया था। मंगलवार को डिलीवरी आई और लड़का कूरियर देकर 8 हजार रुपये लेकर चला गया। जब हिमांशु ने पैकेट खोला तो देखकर उसके होश उड़ गए। बॉक्स में मोबाइल की जगह ईंट थी।
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ऑनलाइन शॉपिंग
यह देखकर हिमांशु से डिलीवरी ब्वॉय से संपर्क किया और पार्सल वापिस लेने व पैसे लौटाने की बात कही। लेकिन उसने पार्सल वापिस लेने और पैसे लौटाने से इंकार कर दिया। हिमांशु ने मामले की शिकायत पुलिस में दी, जिसके बाद उसे पैसे वापिस मिल गए।
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ऑनलाइन शॉपिंग
बता दें कि भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय ने जून 2014 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (संशोधित) 2014 लाने का प्रस्ताव बनाया है। जिसमें इस कानून को और उपयोगी बनाने की कोशिश की जा रही है।
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ऑनलाइन शॉपिंग
- फोटो : डेमो
इसके तहत उपभोक्ता अब अपने निवास स्थल वाले शहर या जहां वो काम कर रहा है उस शहर के उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत कर सकते हैं। किसी कांट्रेक्ट में जब सेवा प्रदाता एवं उपभोक्ता के बीच सिर्फ एकतरफा ज्यादा सहूलियत दी गई हो तो इस अनफेयर कांट्रेक्ट की शिकायत की जा सकती है।
फोरम में शिकायत करने के लिए उपभोक्ता को अपने पास हर तरह का साक्ष्य रखना चाहिए। फोटो, रसीद की कॉपी, ऑर्डर का नंबर, रिसीविंग की एसएमएस या मेल, हो सके तो डिलेवरी बॉय का मोबाइल नंबर तब तक सेव रखना चाहिए जब तक उपभोक्ता संतुष्ट नहीं हो जाता। ठगी के बाद ये सभी साक्ष्य हर्जाना दिलाने में काम आते हैं।