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MBA पास की, पक्की जॉब छोड़ी और लगा दी रेहड़ी, देने लगी 'मां का प्यार'

Mon, 11 Jul 2016 09:33 AM IST
शबनम कौर/अमर उजाला, चंडीगढ़।
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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
लोग अच्छी नौकरी पाने के लिए एमबीए करते हैं, लेकिन यहां हुआ उलट। एक एमबीए पास युवती ने पक्की जॉब छोड़ खाने की रेहड़ी लगा दी। देखिए, ये रिपोर्ट।
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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
राधिका की रेहड़ी पर राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, दाल-चावल, रोटी सब्जी सहित वह सब है, जो घर में बनते हैं। इसकी एक और खास बात यह है कि इसका स्वाद वैसा ही लगेगा, जैसे मां के हाथ से बने खाने का होता है। इसीलिए राधिका ने अपनी रेहड़ी का नाम मां का प्यार रख्रा है। मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज आठ में वह रोजाना एक से तीन बजे तक अपनी रेहड़ी लगाती है। रिलायंस में एचआर की जमी-जमाई जॉब छोड़कर उसने खाने की रेहड़ी खोली है।
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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
मूल रूप से अंबाला की रहने वाली राधिका अरोड़ा ने बताया कि बीकॉम की पढ़ाई के बाद एमबीए करने के लिए वह चंडीगढ़ आ गई। लांडरां ग्रुप ऑफ कॉलेजेज से एमबीए की पढ़ाई के दौरान उसे पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहना पड़ता था। पढ़ाई ठीक चल रही थी, लेकिन पीजी का खाना उसे बार-बार परेशान करता था। न तो खाने में स्वाद होता और न ही खाना पका होता। ऊपर से पैसे काफी देने पड़ते थे। यही मुश्किल उसे जॉब के समय भी झेलनी पड़ी। राधिका अपनी मां के पकाए खाने का बहुत मिस करती थी। यहीं से आइडिया आया और उसने ठान लिया कि जब भी वह कुछ अपना करेगी तो वर्किंग लोगों को घर का खाना देने का काम करेगी।

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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
राधिका ने बताया कि काम शुरू करने में उसे काफी मुश्किलें आई। सबसे पहले घर वालों को मनाना पड़ा। राधिका के पिता  गैस एजेंसी चलाते हैं। जब राधिका ने  बताया कि वह अपनी नौकरी छोड़कर खाने की रेहड़ी लगाना चाहती है तो यह सुनकर घर वाले हैरान रह गए। उन्होंने राधिका को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार पैरेंट्स मान गए और रेहड़ी खोलने की परमिशन दे दी।
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MBA Graduate radhika arora - फोटो : amarujala
राधिका ने बताया कि फूड बिजनेस में उसने अपनी सेविंग लगाई है। जॉब के दौरान उसने जो पैसा बचाया था, उसका इस्तेमाल फूड कार्ट में किया। वह रोजाना 70 प्लेट  खाना बनाती है। दोपहर एक से लेकर तीन बजे तक उसकी रेहड़ी पर खाना मिलता है। फोटोग्राफी और पेंटिंग का शौक रखने वाली राधिका ने बताया कि इस ठेले को उसने खुद से सजाया। अब वह चंडीगढ़ आईटी पार्क में भी ऐसा ठेला खोलने पर विचार कर रही है,  जहां लंच के साथ-साथ, ब्रेकफास्ट की सर्विस शुरू करेगी। वह कहती है कि जिस प्रकार मां का प्यार फूड कार्ट पर लोग आ रहे हैं उससे मुझे उम्मीद जगी है कि भविष्य में वह खुद का होटल खोल सकती है।
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