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पूर्व वायुसेना प्रमुख ने बताया- बालाकोट में आखिर एयर स्ट्राइक ही क्यों की गई, पढ़ें- कई और खुलासे

Sun, 15 Dec 2019 02:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद पाक को कड़ा सबक देना था। इसलिए एयर स्ट्राइक बहुत जरूरी थी। उन्होंने कहा कि सन 1993 में मुंबई हमला हुआ फिर 26/11 हुआ, उसके बाद भी कई आतंकी घटनाएं हुई। सेना ने कभी पलटकर जवाब नहीं दिया। सितंबर 2016 में उरी अटैक के बाद मौजूदा सरकार और सेना दोनों ने ठान लिया था कि अब आतंक का जवाब सख्ती से दिया जाएगा। इसलिए पहले सर्जिकल स्ट्राइक हुआ और फिर एयर स्ट्राइक।
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
धनोआ शनिवार को मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट में ‘अंडरस्टैंडिंग द मैसेज ऑफ बालाकोट’ विषय पर पैनल चर्चा में बोल रहे थे। इस अवसर पर अन्य रक्षा विशेषज्ञ स्कॉवड्रन लीडर समीर जोशी समेत  प्रवीन साहनी व क्रिस्टीन फेयर ने भी विचार रखे। धनोआ ने कहा कि भारतीय वायु सेना के पायलटों को पूरी तरह से शिक्षित किया गया था, जिससे आतंकवादी ठिकानों को तबाह करने के इस ऑपरेशन में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए। उन्होंने कहा कि बालाकोट एक्शन का संदेश साफ व स्पष्ट था कि आतंकवादियों को पनाह या प्रशिक्षण देने की किसी भी भारत विरोधी कार्रवाई के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सब कुछ खत्म करने या तबाह करने के लिए नहीं, बल्कि कब्जे वाले कश्मीर में बने आतंकवादी प्रशिक्षण कैंपों और पनाहगाहों को तबाह करने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि एक मुल्क के तौर पर पाकिस्तान ने साबित कर दिया कि वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में माहिर है, परंतु भारत ने यह जवाब दिया कि वह जहां भी जाएंगे, भारतीय वायु सेना उनको मुंहतोड़ जवाब देगी। पूर्व एयर मार्शल केके नौहवार ने बताया कि इस ऑपरेशन से पहले एयरफोर्स की तैयारी व इंटेलीजेंस पुख्ता थी।

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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान फिर से सर्जिकल स्ट्राइक जैसे एक्शन का ही अंदाजा लगा रहा था, एयर स्ट्राइक तो सपने में भी नहीं सोच सकता था। उन्होंने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक का अंदाजा लगाते हुए पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने अपने लांच पैड छोड़ दिए थे और पुख्ता इंटेलिजेंस थी कि ये आतंकी बड़ी संख्या में जाबा टॉप आतंकी शिविर में एकत्रित हो चुके हैं। इसलिए इस बार सर्जिकल स्ट्राइक की बजाय एयर स्ट्राइक को चुना गया और पाकिस्तान की सीमा में घुसकर कार्रवाई की गई।
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
जब सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल से उलझी क्रिस्टीन
रक्षा माहिर क्रिस्टीन फेयर ने इस कार्रवाई के निष्कर्षों को और भी संजीदगी के साथ जांचने की जरूरत पर जोर दिया। क्रिस्टीन फेयर की इस दौरान श्रोताओं में मौजूद एक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल से बहस भी हो गई। दरअसल, लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टीन को एयर स्ट्राइक से संबंधित अपने एक तथ्य (नौशेरा की एक पंजाबी वायरल वीडियो ) को दुरुस्त करने को कहा। 
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Military Literature Festival - फोटो : अमर उजाला
लेफ्टिनेंट जनरल का कहना था कि जिस पंजाबी वीडियो की बात कही जा रही है, वे फर्जी है। इस पर क्रिस्टीन मंच से ही खासी नाराज हो गई। जैसे-तैसे इस बहस को शांत करवाते हुए पैनल चर्चा को आगे बढ़ाया गया। एयरफोर्स के भी पूर्व अफसर ने क्रिस्टीन के इस तथ्य पर सवाल खड़े किए। जबकि पूर्व आर्मी अफसरों ने भी क्रिस्टीन फेयर के इस रवैये की कड़ी निंदा की।
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