हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों से जातीय भाईचारे में आई खटास को दूर करने के लिए रोहतक में रविवार को आयोजित सद्भावना सम्मेलन में योग गुरु स्वामी रामदेव ने समरसता का संदेश देते हुए अचानक विषय बदल कर भारत माता की जय नहीं बोलने के बयान देने वालों पर भड़क गए।
Trending Videos
विज्ञापन
बाबा रामदेव
2 of 5
बाबा रामदेव
- फोटो : amar ujala
स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में तरह-तरह के विवाद खड़े कर दिए जाते हैं। किसी को कुछ नहीं मिला तो भारत माता की जय बोलने पर ही विवाद खड़ा कर दिया गया। कोई टोपी पहनकर खड़ा हो जाता है और कहता है कि भारत माता की जय नहीं बोलूंगा, चाहे मेरा सिर काट लिया जाए।
विज्ञापन
3 of 5
बाबा रामदेव
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करते हैं, नहीं तो ऐसा बोलने वालों के सिर काट देते। दारूल उलूम देवबंद के भारत माता की जय नहीं बोलने वाले फतवे पर भी स्वामी रामदेव भड़क गए। उन्होंने कहा कि मातृ भूमि को गौरव देने के लिए कोई मजहब मना नहीं करता है। यदि करता है तो वह मजहब देश के हित में नहीं है, क्योंकि भारत माता की जय बोलना किसी धर्म से ताल्लुक नहीं रखता है।
4 of 5
बाबा रामदेव
- फोटो : amar ujala
योग गुरु ने कहा कि हम सबसे पहले हिंदुस्तानी है और देश के संविधान व धरती मां का सम्मान करना हमारा धर्म है। स्वामी रामदेव ने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का नाम लिए बगैर कहा कि देश में कोई मजहबी तो कोई विद्यार्थी खड़ा हो जाता है, जिनके लिए देश को गाली देना फैशन बन गया है।
बाबा रामदेव ने कहा कि ऐसे छात्र सोचते हैं कि इस तरह के विवाद खड़े करके वे लोकप्रिय हो रहे है, लेकिन ऐसे लोगों के मंसूबों को नाकाम करना है। ऐसा भारत बनाना है, जिसमें कोई विवाद नहीं हो और यह तभी हो सकता है जब जाति व धर्म का विवाद खत्म होगा।