प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पतंजलि के जिस आयुर्वेदिक रिसर्च इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया, ये शख्स उसका सीईओ हैं और बाबा रामदेव के काफी करीब है।
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बाबा रामदेव के छोटे भाई राम भरत
ये हैं बाबा रामदेव के छोटे भाई राम भरत, जो हरिद्वार में पतंजलि आयुर्वेद का रोजमर्रा का काम देखते हैं। उन्हें यहां का अनऑफिशियल CEO कहा जाता है। 38 साल के राम भरत कंपनी ने एमडी आचार्य बालकृष्ण और बाबा रामदेव को रिपोर्ट करते हैं।
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baba ramdev
लाइमलाइट से दूर रहने वाले राम भरत पहली बार मीडिया में तब सुर्खियों में आए थे जब उन्हें हरिद्वार की ट्रक यूनियन और पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क के गार्ड्स के बीच विवाद कराने के आरोप में ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया था। उस मामले में एक शख्स की मौत भी हो गई थी।
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रोहतक में बाबा रामदेव
हरियाणा के नारनौल जिले के गांव सैद अलीपुर के सरपंच देशपाल ने बताया कि तीन भाई और एक बहन के परिवार में रामदेव दूसरे नंबर के हैं। बड़े भाई देवदत्त का परिवार गांव में रहता है। वे पहले सीआरपीएफ में थे, अब गांव में खेती कर रहे हैं। रामदेव के माता-पिता और एक भाई व एक बहन का परिवार हरिद्वार में रहता है।
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बाबा रामदेव
बाबा रामदेव का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सैद अलीपुर गांव में हुआ। उनके पिता का नाम रामनिवास व माता का नाम गुलाब देवी है। जब रामदेव छोटे थे तो उनके गांव में एक योगी आए, उनके सानिध्य में रहकर रामदेव का मन योग में लगने लगा और उनका रुझान वैदिक शिक्षा की तरफ बढ़ा।
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बाबा रामदेव
गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए रामदेव घर से भाग गए और कई गुरुकुल में प्रवेश के लिए पहुंचे लेकिन वहां प्रवेश नहीं मिल सका। अंत में वे हरियाणा के खानपुर गुरुकुल में पहुंचे जहां गुरुकुल शिक्षा पद्धति से शिक्षा ग्रहण की। उनके पिता गुरुकुल ढूंढ़ते हुए पहुंचे और घर वापिस ले जाने लगे तो रामदेव ने मना कर दिया।
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बाबा रामदेव
1990 में बाबा रामदेव की मुलाकात आचार्य बालकृष्ण से हुई। यहां दोनों की दोस्ती हुई। गुरुकुल से शिक्षा ग्रहण करने के बाद बाबा दोनों हिमालय में योग व आयुर्वेद पर ज्ञान अर्जित किया। हरिद्वार के कृपालु आश्रम में 10 नवंबर 1994 में बाबा रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की। यहां वे योग कैंप लगाने लगे और आयुर्वेदिक पद्धति से लोगों की मुफ्त चिकित्सा भी करने लगे।
बाबा रामदेव तब घर-घर में जाना पहचाना नाम बन गए, जब एक धार्मिक टीवी चैनल ने उन्हें योग के एक प्रोग्राम में फीचर करना शुरू किया। वर्ष 2006 में पतंजलि आयुर्वेद की हरिद्वार में स्थापना की गई। पतंजलि कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है जिसका टर्न ओवर और हिसाब- किताब मिलता हो, लेकिन मोटा अंदाजा है कि बाबा रामदेव के पतंजलि ब्रांड की ही कीमत आज की तारीख में 5000 करोड़ रुपए तक है।