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नागपंचमी आज, इस विधि से करें नाग देवता की पूजा, मेहरबान होंगे भोलेनाथ

Fri, 28 Jul 2017 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सावन का महीना
नागपंचमी आज मनाई जा रही है और त्योहार पर इस बार बेहद शुभ योग बन रहा है। अगर आप भी भगवान भोलेनाथ को खुश करना चाहते हैं तो इस विधि से पूजन करें।
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हर हर महादेव - फोटो : shivharsh
सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी यानी 27 जुलाई वीरवार को नागपंचमी का त्योहार है। नागपंचमी सुबह सात बजकर 2 मिनट पर कर्क लग्न में शुरू हो रही है। सात बजकर 14 मिनट पर कर्क लग्न समाप्त हो रहा है। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र वीरवार की रात को चार बजकर 39 मिनट पर समाप्त हो रही है। यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का।
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हर हर महादेव - फोटो : Amar Ujala
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि इस वर्ष नागपंचमी का विशेष महत्व और शुभदायक है। पंचमी तिथि का देवता सर्प है। राहु सर्प का स्वरूप है। लग्न का स्वामी चंद्रमा बुध के साथ है। लग्न में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी मंगल के साथ होने से सर्पयोग बन रहा है। इस प्रकार के योग में सर्प देवता का पूजन करने से सर्पदंश का भय नहीं रहता। 27 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे से तीन बजे तक राहु काल है।

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हर हर महादेव
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि नागपंचमी पर ऊं नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्रों का जाप सुबह-शाम करना चाहिए। वैसे 27 जुलाई 2017 को प्रात: 7 बजकर 5 मिनट तक भद्रा लगी हुई है, इसलिए इस दौरान पूजा ना करें। पंचमी तिथि प्रात: 7 बजकर 5 मिनट पर प्रारंभ होगी, जो कि 28 जुलाई को सुबह: 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगी।
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हर हर महादेव - फोटो : अमर उजाला
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन महीने की शुक्ल पक्ष के पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता या सर्प की पूजा का विधान है। परंपरा है कि इस दिन नाग देवता को दूध पिलाया जाये। भारत के कई इलाकों में इस दिन कुश्ती का आयोजन होता है। तो कहीं-कहीं इस दिन जानवरों का नदी स्नान किया जाता है।
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