कनाडा में मास्टर्स एथलेटिक्स में 100 मीटर की रेस में 100 साल की मान कौर को गोल्ड मिला तो उनकी बेटी फूली नहीं समाई।
विज्ञापन
2 of 5
सौ वर्षीय एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ के सेक्टर-40 में रहने वाली उनकी 59 वर्षीय बेटी अमृत कौर की बेटी दीपी ने बताया कि नानी जी ने कनाडा में मेडल जीता है। परिवार का हर सदस्य मान कौर की इस उपलब्धि से खुश है। मान कौर की बेटी अमृत कौर ने बताया कि इस उम्र में भी वह देश का नाम रोशन कर रही हैं। उनके अनुसार, उनकी मां से भी कम उम्र के लोग या तो बीमारी का शिकार हो जाते हैं या फिर चारपाई को सहारा बना लेते हैं। इस उम्र में भी मान कौर खेलों में हिस्सा ले रही हैं। यह बात आस-पड़ोस के लोगों में हमेशा से ही चर्चा का विषय बनी रहती है।
विज्ञापन
3 of 5
सौ वर्षीय एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
अमृत कौर ने बताया कि इस उम्र में भी उनकी मां सुबह उठती हैं, घर का काम काज में भी हिस्सा बंटाती हैं। नियमित तौर पर सैर करती हैं और वेटरन एथलेटिक्स मुकाबलों हिस्सा लेती हैं। वह 100 वर्ष की उम्र से अधिक होने के बाद भी एथलेटिक्स में हिस्सा लेते हुए पदक जीत कर विदेशों में भारत का नाम रौशन कर रही हैं। कनाडा में कुछ वर्षों से उनका बेटा गुरदेव सिंह रहते हैं। वह भी अपनी मां मान कौर के साथ रेस में हिस्सा लेते हैं। गुरदेव सिंह एथलीट रहे हैं और अब वेटरन खेलों में हिस्सा लेते हैं। बेटे से प्रेरित होकर मां मान कौर ने भी वेटरन खेलों में हिस्सा लेने लगीं।
4 of 5
सौ वर्षीय एथलीट मान कौर
- फोटो : फाइल फोटो
मान कौर अमेरिका और कनाडा में दस से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। दो साल पहले मान कौर को अमेरिकी एथलीट आफ ईयर का अवार्ड मिल चुका है। मान कौर से अमेरिका और कनाडा के लोग भी फिट रहने के टिप्स लेते हैं। वह बताती हैं कि जंक फूड से दूर रहो। गलत आदतें छोड़ दो और खेलकूद में हिस्सा लो। मान कौर घी और तेल से परहेज करती हैं। कोई तली चीज नहीं खाती हैं। दिन में दो बार जूस और कई बार अपने हाथ का बना खाना ही खाती हैं।
कनाडा में 2013 में मास्टर्स चैंपियनशिप में 100 मीटर में गोल्ड, गोला फेंक में गोल्ड, ज्वेलियन थ्रो में गोल्ड, अमेरिका में 2013 में वर्ल्ड सीरीज में 100 मीटर में गोल्ड, ज्वेलियन थ्रो में गोल्ड जीत चुकी हैं। अमेरिका में 2011 में एथलीट आफ द ईयर का अवार्ड जीता। यह खिताब पाने वाली वह पहली भारतीय वेटरन खिलाड़ी बनीं।