22 साल की उम्र में भारतीय सेना के जांबाज बॉक्सर अमित पंघाल ने एशियन गेम्स 2018 में ऐसा इतिहास रच दिया कि पूरा भारत देखता रही रह गया। जानिए कौन है ये बहादुर बेटा और इसकी कहानी।
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बॉक्सर अमित पंघाल
भारतीय मुक्केबाज अमित पंघाल ने 18वें एशियन गेम्स में भारत को 14वां गोल्ड मेडल दिलाया। 49 किलोग्राम भारवर्ग के मुक्केबाजी फाइनल प्रतियोगिता में अमित का सामना रियो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट उजबेकिस्तान के हसनबॉय दुश्मातोव के साथ हुआ। इसके लिए ही भारत ने अब तक कुल 67 मेडल जीते हैं, जिसमें 15 गोल्ड, 23 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
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बॉक्सर अमित पंघाल
बॉक्सर अमित पंघाल हरियाणा के रोहतक जिले में मायना गांव के रहने वाले हैं। इनका जन्म 16 अक्तूबर 1995 में हुआ और मात्र 22 साल की उम्र में ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को हराकर इस होनहार खिलाड़ी ने साबित कर दिया है कि भारतीय हार नहीं मानने वाले, लक्ष्य निर्धारित हो तो जीतने से कोई नहीं रोक सकता।
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बॉक्सर अमित पंघाल
अमित पंघाल मार्च 2018 से भारतीय सेना में जेसीओ के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इसी साल हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर नाम रोशन किया था। वहीं अब गोल्ड मेडल जीतकर मां-बाप का और देश का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। इसके साथ ही अब ओलंपिक 2020 में एक मेडल की आस जग गई है।
अमित पंघाल के पिता विजेंदर सिंह पेशे से किसान हैं। उनके बड़े भाई अजय भी भारतीय सेना में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि बड़े भाई अजय ने ही अमित को बॉक्सिंग करने के लिए प्रेरित किया। अमित ने भी उनकी सलाह को मानते हुए जी तोड़ मेहनत की और देश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया।