पिछले कुछ दिनों में आर्मी हो या बीएसएफ इनके अधिकारियों पर उन्हीं के जवानों ने गंभीर आरोप लगाकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब एक और जवान ने सवाल उठाया है।
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आर्मी जवान का कमाडेंट ऑफिसर पर आरोप
मामला हरियाणा के रेवाड़ी का है, जहां एक बर्खास्त जवान सामने आया है जिसका आरोप है कि उसके कमाडेंट ऑफिसर ने उसको व्यक्तिगत ईर्ष्या के चलते उसे बर्खास्त किया है। जबकि जो अनुपस्थित कारण बर्खास्त करने का दर्शाया गया है उस समय वह बेस अस्पताल में भर्ती था। 36 वर्षीय कुलदीप चरखी दादरी का रहने वाला है। कुलदीप को सेना के अधिकारियों ने साल 2013 में बर्खास्त कर दिया था।
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आर्मी जवान का कमाडेंट ऑफिसर पर आरोप
कुलदीप का कहना है कि उसके कमांडेंट ऑफिसर ने उसके खिलाफ इसलिए कार्रवाई की थी क्योंकि वह जवानों के साथ गलत होता था तो अपनी आवाज उठाता था। कुलदीप 1999 में 14 राजपूत बटालियन में भर्ती हुआ था और 14 साल की नौकरी के बाद आर्मी के सेक्शन 39 बी के तहत कार्रवाई करते हुए बर्खास्त किया गया।
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आर्मी जवान का कमाडेंट ऑफिसर पर आरोप
कुलदीप को कार्रवाई का जो कारण अधिकारियों ने बताया उसमें कहा गया है कि वह 3 बार एक-एक महीने की छुट्टी लेकर आया लेकिन वापिस ड्यूटी पर पहुंचकर रिपोर्ट नहीं की। जबकि कुलदीप का कहना है तीनों समय वह या तो बेस अस्पताल दिल्ली में भर्ती था या अपनी ड्यूटी पर था। उसके बावजूद गलत तरीके से उस पर इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि वह अधिकारियों द्वारा गलत किए जाने की आवाज उठाते थे।
कुलदीप का कहना है कि वह बार बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। जबकि उनके पास सभी सबूत हैं कि उस पर की गई कार्रवाई गलत थी। कुलदीप का कहना है कि आज भी उसके साथी जवान गवाही देने को तैयार हैं। कुलदीप का कहना है कि वह आर्मी में अपनी बहाली चहाते है और जिस अधिकारी ने उस पर गलत कार्रवाई की उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।