क्या आप जानते हैं कि भारत-पाकिस्तान के इंटरनेशनल बॉर्डर पर ऐसे गांव बसे हैं, जहां बंदूकों के साए में खेती होती है। दिवाली के मद्देनजर यहां जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है। देखिए, इन्हें।
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देखिए पाक बार्डर पर ऐसे गांव, जहां बंदूकों के साए में होती खेती
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ये गांव हैं। टिज्जा रोहिला, गट्टी न0 3, रेत्तीवाली भैनी, महात्म नगर, पक्का और रामनगर। इसका कारण ये है कि जब इन गांवों में फसल तैयार हो जाती है, पाकिस्तानी दुश्मन फसलों की आड़ में हेरोइन, नकली नोट, अवैध हथियार और घुसपैठिए भेजने का प्रयास करते हैं। हालांकि बीएसएफ मंसूबों को कामयाब नहीं होने देता।
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मौजूदा समय में फाजिल्का सेक्टर की लगभग 3600 एकड़ जमीन तारबंदी के पार पड़ती है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों की संजीदगी के चलते 80 प्रतिशत फसल की कटाई पूरी हो चुकी है।
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वहीं बीएसएफ के अधिकारी अपने किसान गार्ड के अलावा अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करवाकर कटाई में सहयोग कर रहे हैं, जिस कारण उक्त क्षेत्र में कृषि करने वाले किसान काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
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पाकिस्तानी सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। वहीं धान की कटाई के चलते सीमा सुरक्षा बल द्वारा किसानों को तारबंदी के पार जाने हेतु अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। कंबाइन ट्रैक्टर-ट्राली के साथ-साथ तारबंदी के पार जाने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जाती है, ताकि तस्कर किसानों के साथ मिलकर किसी प्रकार की तस्करी को अंजाम दे सके।