500 और 2000 के नए नोट को लेकर एक बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। आपको भी संभलकर रहने की जरूरत है, कहीं पछताना न पड़ जाए।
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500 का नया नोट
दरअसल, आजकल दो हजार के नए नोट बंद होने की सुगबुगाहट हो रही है। इसके साथ ही पंजाब में माफिया ने 500 के नकली नोटों की खेप छापनी शुरू कर दी है। पंजाब पुलिस ने यहां से 20,800 रुपये की नकली करेंसी बरामद की है। जिसमें 20 हजार की करेंसी के 500 के नोट हैं और आठ सौ रुपये 100 के नोट हैं।
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500 के नोट का सच
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के मुताबिक दो हजार का नोट बंद होने की स्थिति आते ही अफरा-तफरी में 500 के नकली नोटों का बाजार गर्म हो जाता। पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़े खंगाल रही है, क्योंकि नोटबंदी के समय भी सबसे पहले पंजाब में ही नई करेंसी के नकली नोट पकड़े गए थे। जिले की पुलिस ने जाली करंसी छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
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500 का नोट
- फोटो : SELF
पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपी लूटपाट की वारदातों में भी शामिल रहे हैं। पुलिस ने उनके पास से 12 बोर की एक राइफल, तीन पिस्टल, जाली नोट छापने में इस्तेमाल की जाने वाली एक प्रिंटिंग मशीन और एक स्विफ्ट कार बरामद की है। उनके कब्जे से 20 हजार 800 रुपये की जाली करंसी भी बरामद हुई है।
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500 का नया नोट
एसएसपी हरजीत सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में हरप्रीत हैपी निवासी शहणा, राजविंदर सिंह उर्फ राजू निवासी शहणा, नरेश कुमार उर्फ पप्पी निवासी शहणा, दलजीत सिंह हैपी निवासी संधूकलां, हरदीप सिंह उर्फ बबलू निवासी तपा शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने माना कि उन्होंने मानसा के गांव रल्ले से एक महिला से सोने की बालियां छीनी और मानसा के गांव उभा से उन्होंने पिछले दिनों एक स्विफ्ट कार लूटी थी।
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500 के नोट का सच
- फोटो : अमर उजाला
बेलदार हत्याकांड में भी शामिल थे आरोपी
एसएसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य हरप्रीत सिंह हैरी, राजविंदर सिंह राजू व नरेश कुमार पप्पी ने नहरी विभाग में बतौर बेलदार काम करते निर्मल दास निवासी वजीद के कलां को नहर में फेंककर जान से मार दिया था। वे हेराफेरी कर उसके बीमा के रुपये हड़पना चाहते थे। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज कर लिया गया है।
अकाली नेता पर हमले का भी खुलासा
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्यों ने गत दिनों एक अकाली नेता पर फायरिंग का भी खुलासा किया है। उन्होेंने माना कि दलजीत सिंह हैपी, नरेश कुमार पप्पी एवं हरप्रीत सिंह ने गांव भगतपूरा मौड में अकाली नेता भगवान सिंह भाना से असलहा छीनने की कोशिश की। फायरिंग में जब अकाली नेता जख्मी हो गया तो वह फरार हो गए थे।