रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले सात सालों में कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं। साल 2014 में जहां एक गैस सिलेंडर की कीमत 410 रुपये के आसपास थी, वहीं अब कीमत एक हजार रुपये के करीब पहुंच गई है। हालांकि जब भी लोग सिलेंडर रिफिल कराते हैं, तो सरकार की तरफ से इसमें से कुछ पैसे वापस भी किए जाते हैं, जिसे गैस सब्सिडी कहा जाता है। गैस सब्सिडी का पैसा सीधे उपभोक्ता के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। कई लोगों को तो इसकी जानकारी होती है कि उनके खाते में गैस सब्सिडी के रूप में कितने पैसे आए, लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें पता ही नहीं चल पाता कि उनके खाते में सब्सिडी का पैसा आ रहा है या नहीं और अगर आता भी है तो कितना आता है। असल में यह जानने का तरीका बेहद ही आसान है। आप घर बैठे मोबाइल के माध्यम से आसानी से यह जान सकते हैं कि पैसे आए या नहीं और आए तो कितने आए।