दुनियाभर में अपना और देश का नाम रोशन करने वाले नोबल विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन 83 वर्ष के हो गए हैं। उनके जीवन से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां हम आपके समक्ष पेश कर रहे हैं।
-अमर्त्य सेन का जन्म तीन नवंबर 1933 को मानिकगंज (बांग्लादेश) में हुआ था। उनका लालन-पालन विश्व भारती यूनिवर्सिटी कैंपस में हुआ।
विज्ञापन
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
2 of 10
Amartya Sen
-नोबल विजेता अमर्त्य सेन का नाम गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ने रखा था।
विज्ञापन
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
3 of 10
Amartya Sen
-वर्ष 1943 में बंगाल में आयी बाढ़ ने युवा अमर्त्य को बहुत प्रभावित किया, बावजूद इसके की उनका धनी परिवार इस बाढ़ से अछूता रहा था।
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
4 of 10
Amartya Sen
- अमर्त्य सेन को अठारह वर्ष की उम्र में ओरल कैंसर हो गया था।उनकी जान काफी हाई पावर दवाएं देकर बचायी जा सकी है।
विज्ञापन
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
5 of 10
Amartya with Nobel
-अमर्त्य को 1998 में अर्थशास्त्र में उनके योगदान के लिए नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
6 of 10
Amartya-obama
-अमर्त्य ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को ज्वाइन किया। साथ ही उन्होंने यूनाइटेड नेशंस हुमेन डेवलपमेंट इंडेक्स पर काम किया। इस इंडेक्स से किसी देश में हो रहे विकास का पता लगाया जाता है।
विज्ञापन
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
7 of 10
Amartya Sen
-अमर्त्य अपने पेपर में किसी भी चीज के बारे में लिखते वक्त महिलाओं पर ज्यादा फोकस करते हैं। ताकि महिलाओं को भी पुरूषों के बराबर समझा जाए।
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
8 of 10
Amartya Sen
-ट्रीनिटी कॉलेज में फेलोशिप के दौरान अमर्त्य ने सभी विषयों में से फिलोसिफी की पढ़ाई को चुना।
अमर्त्य सेन की 10 रोचक बातें
9 of 10
Amartya-Sharmila
- अमर्त्य को नालंदा मेंटर ग्रुप का चेयरमैन नियुक्त किया गया। इस ग्रुप के पास नालंदा यूनिवर्सिटी को स्थापित करने का दायित्व था। उन्हें ही पहला चांसलर बनाया गया,लेकिन एक वर्ष बाद उन्होंने अपना नाम इस पद से वापस ले लिया।
-वर्ष 1999 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इसके अलावा अमर्त्य के पास बांग्लादेश की नागरिकता भी है, इसे बांग्लादेश की इकॉनोमी को दुरूस्त करने के एवज में सरकार द्वारा दिया गया है।