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जरूरी खबर : सितंबर तक सभी बैंकों में लागू होगा चेक से जुड़ा ये नियम, जानिए आपको फायदा होगा या नुकसान

Tue, 16 Mar 2021 02:51 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चेक ट्रंकेशन सिस्टम - फोटो : iStock
साल 2020 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बेहतर और सुरक्षित चेक सिस्टम, चेक ट्रंकेशन सिस्टम यानी सीटीएस को पूरे देश में लागू करने का ऐलान किया था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों से 30 सितंबर तक बाकी सभी शाखाओं में इस प्रणाली को लागू करने को कहा है। पिछले महीने हुई मौद्रिक नीति समिति द्वारा लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए गवर्नर शक्तकांत दास ने कहा था कि सभी शेष 18,000 शाखाएं, जो केंद्रीकृत समाशोधन प्रणाली चेक ट्रंकेशन सिस्टम के तहत नहीं हैं, उन्हें सितंबर तक सीटीएस के दायरे में लाया जाएगा। अभी इसके दायरे में लगभग 1,50,000 बैंक शाखाएं हैं। 

आइए जानते हैं कि सीटीएस क्या है और इससे आपको फायदा होगा या नुकसान।
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चेक ट्रंकेशन सिस्टम - फोटो : PTI
बैंक ग्राहकों को होगा फायदा
सीटीएस के तहत भुगतान और जमाओं के लिए कागज रहित अभौतिक सत्यापन किया जाता है। अगर आप सीटीएस यानी चेक ट्रंकेशन सिस्टम वाले चेक का इस्तेमाल करते हैं, तो आपका काम जल्दी होता है। यह सुरक्षित आर्थिक लेनदेन की प्रक्रिया होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपके चेक को क्लीयर होने के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक नहीं जाना होगा।

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आइए जानते हैं सीटीएस काम कैसे करता है। 
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चेक ट्रंकेशन सिस्टम - फोटो : PTI
ऐसे काम करता है सीटीएस
इस प्रणाली के तहत चेक को क्लीयर करने के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक ले जाने के बजाय इसकी इलेक्ट्रॉनिक इमेज भेजी जाती है, जिससे काम और आसान हो जाता है। इसके साथ ही अन्य जरूरी जानकारी जैसे एमआईसीआर बैंड, आदि भी भेजी जाती है। इसके माध्यम से समय की भी बचत होती है।

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चेक ट्रंकेशन सिस्टम - फोटो : अमर उजाला
2010 में लाया गया था सीटीएस 
बता दें कि चेक ट्रंकेशन सिस्टम भारत में सबसे पहले साल 2010 में लाया गया था। इसके बाद कई जगहों पर इसको लागू किया गया। प्रणाली के तहत बैंक चेक का एमआईसीआर बैंड और कैप्चर सिस्टम (स्कैनर, कोर बैंकिंग और अन्य एप्लीकेशन) की मदद से चेक की तस्वीर खींचता है।

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सीटीएस के कई फायदे हैं। जैसे-
  • सीटीएस चेक की क्लीयरिंग 24 घंटे में संभव।
  • ऐसे चेक का फर्जी इस्तेमाल असंभव।
  • चेक के गुम होने की संभावना नहीं।
  • देश में किसी भी जगह किसी भी बैंक में क्लीयरिंग की सुविधा।
  • सभी बैंकों द्वारा मानक चेक सिस्टम को शुरू किया जाना।
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RBI - फोटो : पीटीआई
रिजर्व बैंक ने कहा कि यह देखने में आया है कि कई बैंक शाखाएं अब भी औपचारिक समाशोधन व्यवस्था से बाहर हैं। उनके ग्राहकों को इसकी वजह से काफी परेशानी होती है। उनका चेक निकलने में अधिक समय लगता है। रिजर्व बैंक के सर्कुलर में कहा गया है कि सीटीएस की उपलब्धता के इस्तेमाल तथा सभी ग्राहकों को समान अनुभव प्रदान करने के लिए सीटीएस को देशभर में सभी बैंक शाखाओं में लागू करने का फैसला किया गया है। इसके तहत बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 30 सितंबर, 2021 तक उसकी शाखाएं इमेज आधारित सीटीएस प्रणाली के तहत आ जाएं। 
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