उत्तर भारत में उमस भरी गर्मी से लोग काफी परेशान हैं। पिछले कुछ दिनों से उच्च तापमान और वातावरण में मौजूद अधिक नमी के कारण लोगों का जीना ही दूभर हो गया है। ऐसे में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की तरफ जा रहे हैं, ताकि ठंडे मौसम में सुकून भरे कुछ पल बिताए जा सकें। वहीं कई लोग गर्मी से राहत पाने के लिए काफी देर तक नहा भी रहे हैं। ये बात तो हम सभी जानते हैं कि पानी में ज्यादा देर तक रहने से हाथ-पैर की त्वचा सिकुड़ जाती है। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
आपको बता दें कि हमारे हाथ-पैर की त्वचा बाकी हिस्सों की त्वचा की अपेक्षा काफी मोटी होती है। पानी में ज्यादा देर तक रहने से त्वचा में आने वाली सिकुड़न भी कुछ ही समय के लिए होती है और ये अपने से ही ठीक हो जाती है। दरअसल, ये प्रक्रिया पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं होता है।