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बिलखती बच्ची और डोनाल्ड ट्रंप की वायरल तस्वीर का असली सच, जानिए क्यों है इतनी चर्चा में ?

Mon, 25 Jun 2018 04:49 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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donald trump
सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में उनके सामने एक बिलखती बच्ची को दिखाया गया है। जानिए इस तस्वीर के वायरल होने का क्या है कारण... 
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Donald Trump
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चौतरफा विरोध के बाद अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव कर एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत अब सीमा पर माता-पिता को उनके बच्चों से अलग नहीं किया जा सकेगा।

ट्रम्प के इस फैसले के बाद एक अमेरिकी मैग्जीन ने यह तस्वीर छापी है जो तेजी से वायरल हो रही है। जी हां, अमेरिकी मैगजीन 'टाइम' का इस बार यही कवर पेज है।

कहा जा रहा है कि मैगजीन ने अपने इस कवर पेज के माध्यम से ट्रम्प पर तंज कसा है। हालांकि, अमेरिका के इस कदम के बाद उन हजारों परिवारों को राहत मिली है जिनके बच्चों को सीमा पर उनसे अलग कर दिया गया था।
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time magzine cover page
कवर पेज बच्ची की तस्वीर चर्चा में
जिस बच्ची की तस्वीर कवर पेज पर छपी है दरअसल वो 2 साल की होंडुरन बच्ची की बताई जा रही है और यह तस्वीर तब की है जब टेक्सस में मैकएलन सीमा पर उसकी मां की चैकिंग की जा रही थी और बच्ची उसके पास ही खड़ी होकर रो रही थी। 

अब इस कवर पेज के कारण बिलखती बच्ची बड़ी बहस का मुद्दा बन गई। दरअसल, दावा किया जा रहा है कि जिस बच्ची की तस्वीर पेज पर छापी गई है उसे उसकी मां से अलग किया ही नहीं गया था। बच्ची की यह तस्वीर पुलित्जर प्राइज विनर फोटोग्राफर जॉन मूर ने खिंची थीं।

इसके बाद रिपोर्टर्स ने बच्ची की जानकारी ढूंढना शुरू किया और मीडिया में रिपोर्ट्स आने लगीं कि बच्ची के पिता जो कि अब भी होंडुरस में हैं उन्होंने दावा किया है कि इनकी पत्नी और बच्ची को अलग नहीं किया गया।
 

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Edward Fallenthal
मैगजीन ने किया अपना बचाव
जब बच्ची की तस्वीर का सच सामने आया तो एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में मैगजीन के एडिटर इन चीफ एडवर्ड फाल्सेंथल ने कहा कि 12 जून को मैगजीन के कवर पर छपी बच्ची की तस्वीर अमेरिका में इमिग्रेशन पर जारी बहस का सबसे सटीक प्रतिक है।

इस पॉलिसी में बदलाव के पहले जो लोग सीमा पार आए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि बच्चे अपने माता-पिता से बिछड़ गए। हमारा कवर पेज इसी पल को दिखाता है।

बता दें कि सीमा पर ट्रम्प के इमिग्रेशन कानूनों के चलते माता-पिता को उनके बच्चों से अलग कर दिया जाता था। इस आदेश की चारों तरफा आलोचना हो रही थी। इस दौरान अमेरिका की फर्स्ट लेडी और डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मिलेनिया ने भी इस कानून की आलोचना की थी।
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डोनाल्ड ट्रंप
उन्होंने सीमा पर माता-पिता से बिछड़ते बच्चों को देखा और भावुक हो गई। इसके बाद उनकी सचिव स्टेफेनी ग्रिशम ने बताया, 'मिसेज ट्रम्प को पसंद नहीं है कि बच्चों को उनके परिवार से अलग किया जाए और वह उम्मीद करती हैं कि जल्दी ही दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर अच्छी इमीग्रेशन पॉलिसी बना लेंगी।

उनका मानना है कि सारे नियमों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए, लेकिन हमें दिल से भी काम लेना चाहिए। पूर्व फर्स्ट लेडी लॉरा बुश ने भी माइग्रेशन की इस नीति को 'क्रूर' और 'अनैतिक' बताया और कहा कि इस नीति ने मेरे दिल को तोड़ दिया है।

बच्चों को माता-पिता से बिछड़ता देख मुझे बेहद दुख होता है। इधर ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले का विरोध न सिर्फ डेमोक्रेट्स पार्टी, बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के लोग भी करते आए हैं।
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