'डेली मेल' की खबर के मुताबिक, पड़ताल करने पर दंपति को पता चला कि जिस बच्चे को वह मरा हुआ मान रहे थे वह जिंदा है। मां-बाप ने जब अपना बच्चा मांगा तो अनाथालय ने उन्हें तीन हजार यूरो ( करीब दो लाख 40 हजार रुपये) का बिल थमा दिया। यही नहीं दंपति को बच्चे का हक पाने के लिए कोर्ट तक जाना पड़ा। हालांकि, कोर्ट का फैसला दंपति के पक्ष में ही हुआ।
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