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Solar Eclipse: इस दिन आसमान में दिखेगा रिंग ऑफ फायर, जानिए क्या साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नजर आएगा?

Fri, 02 Aug 2024 03:45 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण? - फोटो : अमर उजाला
Solar Eclipse 2024: साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण अक्तूबर महीने में लगने वाला है। खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह बेहद खास सूर्य ग्रहण है। दो अक्तूबर 2024 को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। इस दौरान आसमान में आग का एक छ्ल्ला दिखाई देता है। हमारे सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है और धरती इसका चक्कर लगाती है।

चंद्रमा भी धरती की तरह सूर्य की परिक्रमा करता है, लेकिन चांद धरती का भी चक्कर लगाता है। कई बार ऐसा होता है, जब चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पड़ता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। 
 
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कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण? - फोटो : Istock
सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। इसमें चंद्रमा, पृथवी और सूर्य के बीच में आ जाता है। इससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुंचता है और अंधेरा छा जाता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान पृथ्वी पर पूरी तरह अंधेरा छा जाता है। अंतरिक्ष से धरती पर एक विशाल परछाई दिखाई देती है। यही सूर्य ग्रहण कहलाता है।
 
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कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण? - फोटो : Istock
जानिए कहां-कहां दिखाई देगा? 

दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप के एक छोटे इलाके में यह सूर्य ग्रहण दिखेगा। भारत में यह ग्रह नजर नहीं आएगा। भारतीय समयानुसार, रात 9 बजकर 13 मिनट पर यह सूर्य ग्रहण शुरू होगा और मध्यरात्रि 3 बजकर 17 मिनट तक चलेगा। कुल छह घंटे ग्रहण रहेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी वजह से यह आग की एक रिंग की तरह दिखाई देता है। 

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कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण? - फोटो : Istock
 क्या है वलयाकार सूर्य ग्रहण?

जब चंद्रमा धरती की परिक्रमा करता है, तो उसकी दूरी भी बदलती रहती है। कभी वह धरती के नजदीक होता है तो कभी वह दूर। जब चंद्रमा पृथ्वी के करीब होता है, तो यह हमें बड़ा नजर आता है। वहीं जब यह धरती से दूर होता है तो छोटा नजर आता है।

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कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण? - फोटो : Istock
सूर्य ग्रहण के दौरान अगर चांद पृथ्वी के करीब होता है, तो आकार की वजह से पृथ्वी से यह हमें सूर्य को पूरी तरह ढकता नजर आता है। हालांकि, जब यह धरती से दूर होता है, तो छोटे आकार की वजह से सूर्य के बीच के हिस्से को ही ढक पाता है। सूर्य का बाकी किनारा नजर आता है, जो आसमान में आग का छल्ला बनाता है। 
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