जगन्नाथ मंदिर, कानपुर
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यहां के लोग बताते हैं कि बारिश होने के छह-सात दिन पहले मंदिर की छत से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं। इतना ही नहीं, वो बताते हैं कि जिस आकार की बूंदें टपकती हैं, उसी आधार पर बारिश भी होती है। इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि यहां जैसे ही बारिश शुरू होती है, मंदिर की छत अंदर से पूरी तरह सूख जाती है।