एक इंजीनियर कब क्या कर जाए कोई नहीं कह सकता। अब देखिए ना, 10 साल से जो शख्स ओमान में बतौर सिविल इंजीनियर काम कर रहा था, गांव में खेती की बदतर हालात को देखते हुए किसान बन गया। फिर ऐसी तरकीब अपनाई कि देखते ही देखते एक ही पेड़ पर 51 तरह के आम उगा डाले।
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Ravi Marshetwar
एक तरफ जहां खराब फसल की वजह से कर्ज चुकाने में नाकाम होने पर किसान आत्महत्या कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ महाराष्ट्र के विदर्भ से ताल्लुक रखने वाले रवि मारशेटवार की खेती ना सिर्फ फल-फूल रही है बल्कि देशभर में उनका नाम भी रौशन कर रही है। अब यह सब जानना चाहते हैं कि 50 साल पुराने पेड़ पर उन्होंने ऐसा क्या जादू कर दिया कि उस पर दर्जनों किस्म के आम फलने लगे?
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Ravi Marshetwar
दरअसल, रवि ने ग्राफ्टिंग की तकनीक से यह करिश्मा कर दिखाया है। उन्हें यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। 1350 बार रिसर्च के बाद रवि को यह मुकाम हासिल हुआ है। साल 2001 में गांव लौटने के बाद उन्होंने खेती की बारीकियां सीखने के लिए कुल 500 जगहों का दौरा किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक खास शख्स से हुई।
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Ravi Marshetwar
एग्रो ट्रिप्स के दौरान रवि की मुलाकात महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के किसान देवरीकर से हुई। देवरीकर ने ग्राफ्टिंग तकनीक का इस्तेमाल कर एक ही पेड़ पर 15 अलग तरीके के आम उगाए थे। उनसे ही रवि ने यह तकनीक सीखी। ग्राफ्टिंग की तकनीक सीखने का बाद रवि ने आम की दुर्लभ और विलुप्तप्राय: होने वाली प्रजातियों को इकट्ठा किया और सालों की मेहनत के बाद एक ही पेड़ पर उन्हें उगाने में सफलता पाई।
रवि के चमत्कारी आम के पेड़ ने ना सिर्फ नाम और दाम दिलाया बल्कि उनकी एक और तमन्ना भी पूरी की। उन्होंने बताया,'इस तकनीक के जरिए मैं आमों की विलुप्त हो रही प्रजातियों को बचाना चाहता था।' रवि जुलाई से लेकर सितंबर तक किसानों को ग्राफ्टिंग तकनीक की ट्रेनिंग देते हैं।